उपद्रवियों/अराजक तत्वों की जगह जेल: डीएम

-आचार संहिता एवं धारा-144 का उल्लंघन पर प्रत्याशी का अभ्यर्थन/नामांकन होगा निरस्त

-पंचायत निर्वाचन की तैयारियं एवं कानून व्यवस्था को लेकर ब्लॉकों का डीएम ने किया निरीक्षण

गाजियाबाद। राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन पंचायत निर्वाचन की तैयारियों में जुटा है। इस क्रम में जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने डीआईजी/एसएसपी अमित पाठक, एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा, उप जिलाधिकारी आदित्य प्रजापति के साथ कानून व्यवस्था को लेकर विभिन्न ब्लॉकों का सघन दौरा किया। जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि उपद्रवियों/अराजक तत्वों के लिए जेल के अतिरिक्त कोई दूसरा स्थान नहीं है। जिलाधिकारी ने पोलिंग बूथों का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक के साथ ब्लॉक राजापुर, मुरादनगर एवं भोजपुर का सघन दौरा किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ब्लॉक में लेखपाल, कोटेदार, ग्राम चौकीदार, उप जिलाधिकारी आदित्य प्रजापति, पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार एवं पुलिस अधीक्षक के साथ बैठकें कर निर्वाचन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को जनपद में पंचायत सामान्य निर्वाचन का मतदान संपन्न होगा एवं 2 मई को मतगणना की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी कार्य आयोग की मंशा के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं। धारा-144 एवं आदर्श आचार संहिता की छायाप्रति प्रत्येक चौकीदार एवं कोटेदार को वितरित कराई जाए। जिसके माध्यम से संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में धारा 144 एवं आदर्श आचार संहिता का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा सके। प्रत्याशियों के साथ संबंधित एसडीएम व सीओ द्वारा प्रत्येक थाना स्तर पर बैठक का आयोजन किया जाए, जिससे प्रत्याशियों को आदर्श आचार संहिता एवं धारा-144 के संबंध में जानकारी देकर सचेत किया जाए कि इसके उल्लंघन पर प्रत्याशी का अभ्यर्थन/नामांकन निरस्त कर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाएगी। यदि प्रत्याशियों/समर्थकों द्वारा वोट मांगने हेतु अनुचित साधनों यथा शराब वितरण, पैसा वितरण, वस्त्र वितरण, सार्वजनिक भोज का आयोजन का प्रयोग किया जाएगा तो संबंधित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई कराई जाए। कोटेदार/चौकीदार स्वयं गांव की गुटबाजी से दूर रहेंगे एवं राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनेंगे। यदि ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में आया तो उनकी सेवा समाप्त कर उन्हें काली सूची में डालकर विधिक कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि कोटेदार/चौकीदार अपने गांव में सतर्क दृष्टि बनाए रखेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि यदि कोई अराजकता/धार्मिक/जातीय उन्माद फैलाने का प्रयास करे तो उसकी सूचना तत्काल चौकी, थाना व तहसील में दें। ऐसे उपद्रवी/अराजक तत्वों के विरूद्ध रासुका के तहत कठोर कार्रवाई कर जेल भेजा जाए।