-यमुना प्राधिकरण अपने अधिसूचित क्षेत्र के विकास के लिए बना रहा योजना
-कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा, प्राथमिकता में भी होगा कपड़ा उद्योग
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह प्राधिकरण क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अब हाथरस में उद्योगों के विकास के लिए खाका खींचना शुरू कर दिया है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही कपड़ा और पीतल उद्योग भी इस औद्योगिक नगर का हिस्सा होंगे।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा जिले अधिसूचित हैं। हाथरस को छोड़कर अन्य पांच जिलों में मास्टर प्लान तैयार हो चुका है। फेज-1 में शामिल गौतमबुद्ध नगर व बुलंदशहर में विकास परियोजनाओं पर काम हो रहा है। फेज-2 में शामिल अलीगढ़ के टप्पल में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और मथुरा में हेरिटेज सिटी के विकास का काम भी शुरुआती दौर में है।
आगरा का मास्टर तैयार हो चुका है, लेकिन अभी तक हाथरस में यीडा अधिासूचित क्षेत्र में कोई गतिविधि शुरू नहीं हुई है। अब यहां भी काम शुरू करने की तैयारी है। योजना के मुताबिक, हाथरस में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्राधिकरण मास्टर प्लान तैयार करेगा। इसके लिए जल्द ही विशेषज्ञ कंपनी का चयन होगा। प्रारंभिक योजना के मुताबिक, 950 हेक्टेयर में हाथरस का औद्योगिक शहर विकसित होगा। यहां के उद्योगों की प्राथमिकता भी तय करना शुरू कर दिया गया है। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह कहते हैं कि हाथरस में कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। कृषि एवं डेरी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। कपड़ा और पीतल उद्योग भी स्थापित किया जाएंगे। अलीगढ़ व हाथरस क्षेत्र में पीतल उद्योग का लगातार विस्तार हो रहा है। इन उद्योगों से कारोबारियों को साथ किसानों को भी फायदा होगा।
















