नववर्ष से पहले अवैध शराब माफिया पर प्रहार, गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग का ऑपरेशन क्लीन

-जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में 24×7 कार्रवाई, तस्करों में मचा हड़कंप
-रात की चेकिंग में तस्कर गिरफ्तार, 107 पौवा देशी शराब बरामद

उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। नववर्ष की तैयारियों के बीच जिले में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए आबकारी विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। अवैध शराब तस्करी, काले कारोबार और राजस्व नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ जिले में सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और कानून के दायरे में रखने के लिए आबकारी विभाग की टीमें दिन-रात मोर्चा संभाले हुए हैं। इस पूरे अभियान की कमान खुद जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव संभाले हुए हैं, जिनकी सख्त, अनुशासित और परिणामोन्मुख कार्यशैली ने शराब तस्करों की कमर तोड़कर रख दी है। जिला आबकारी अधिकारी की रणनीति का असर यह है कि जहां एक ओर सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर शराब माफिया और छोटे-बड़े तस्कर जिले में कदम रखने से भी कतराते नजर आ रहे हैं। बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए जिले की सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

आबकारी विभाग की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर चेकिंग, छापेमारी और निगरानी अभियान को अंजाम दे रही हैं। अवैध शराब की बिक्री को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से जिले में ‘ऑपरेशन नाइट’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमें देर रात तक सक्रिय रहकर उन तस्करों पर नजर रख रही हैं, जो दुकानों के बंद होने के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर अवैध शराब की बिक्री करते हैं। लाइसेंसी दुकानों की बंदी के बाद भी उनकी निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी विक्रेता नियमों का उल्लंघन न कर सके। इसी क्रम में शनिवार देर रात आबकारी निरीक्षक सचिन त्रिपाठी और पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना फेस-1 क्षेत्र के सेक्टर-8 नर्सरी गेट के पास दबिश देकर अवैध शराब तस्करी में लिप्त सूरज उर्फ लाल्ला पुत्र हरगोविंद को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से यूपी कैटरीना ब्रांड की 107 पौवा देशी शराब बरामद की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी दिन के समय लाइसेंसी दुकानों से शराब खरीदकर रात में उसे ऊंचे दामों पर अवैध रूप से बेचता था। इस कार्रवाई से न केवल एक तस्कर पकड़ा गया, बल्कि उसके जरिए चल रहे अवैध नेटवर्क का भी भंडाफोड़ हुआ है।

आबकारी विभाग की कार्रवाई केवल अवैध तस्करों तक सीमित नहीं है। जिले की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले लाइसेंसी दुकानों के विक्रेताओं पर भी सख्त नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें औचक निरीक्षण के साथ-साथ गुप्त टेस्ट परचेजिंग के जरिए यह सुनिश्चित कर रही हैं कि दुकानों पर न तो ओवररेटिंग हो और न ही नियमों का उल्लंघन। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार के लिए कोई जगह नहीं है। चाहे बड़ा माफिया हो या छोटा तस्कर, कानून तोडऩे वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि यह अभियान नववर्ष तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था बनी रहे और सरकारी राजस्व को नुकसान न पहुंचे।