सुरक्षा का सशक्त कवच: DCP City धवल जायसवाल ने लगाया त्योहारों पर सुरक्षा का ताला

• भीड़-भाड़ वाले बाजारों में सक्रिय टीमें, महिला पुलिसकर्मी सिविल वर्दी में, और क्यूआरटी की चौकसी से आमजन को सुरक्षा का भरोसा
• धवल जायसवाल के नेतृत्व में सिटी जोन पुलिस की रणनीति से आमजन और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा, बाजारों में सक्रिय टीमें और क्विक रेस्पॉन्स टीम

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। त्योहारों के सीजन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस में सिटी जोन सक्रिय हो गई है। दीपावली, धनतेरस और अन्य प्रमुख पर्वों से ठीक पहले डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने सुरक्षा की व्यापक योजना बनाई है, जिससे सिटी को सुरक्षित और उत्सवमय माहौल का अनुभव हो सके। शहर के प्रमुख बाजारों जैसे चौपला, गांधीनगर, तुराबनगर, घंटाघर, मालीवाडा, बजरिया और रमेतराम रोड पर डीसीपी सिटी की 100 टीमें तैनात हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य न केवल भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी रखना है, बल्कि आमजन से संवाद कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इसके साथ ही क्विक रेस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) भी बाजारों में पूरी तरह सक्रिय है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। धवल जायसवाल ने बताया कि त्योहारों के अवसर पर बाजारों में लोगों की भीड़ अत्यधिक बढ़ जाती है।

हमारी रणनीति यही है कि किसी भी नागरिक को असुरक्षित महसूस न हो। प्रत्येक बाजार, चौक और व्यस्त मार्ग पर हमारी टीमें तैनात हैं और हम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में हमारी टीम तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम है। बीट अफसरों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। वे न केवल अपने क्षेत्र में पैदल गश्त कर रहे हैं, बल्कि व्यापारियों और आमजन के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुरक्षा संबंधी सुझावों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। महिला पुलिसकर्मी और सिविल वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी भी बाजारों में मौजूद हैं, ताकि विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके। इस पहल से महिलाओं को सुरक्षा का अहसास होने के साथ ही अपराधियों के मन में भय का माहौल भी बन गया है।

डीसीपी सिटी की यह रणनीति केवल बाजारों में पैदल गश्त तक सीमित नहीं है। उन्होंने कार्यालय में बैठकर केवल योजनाएँ बनाने की बजाय स्वयं बाजारों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और टीमों को सक्रिय रखा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और एसीपी को निर्देशित किया है कि वे कार्यालय में शिकायतों का समाधान करने के बाद सीधे फील्ड में उपस्थित हों। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है और आमजन में भरोसा बढ़ाया है। त्योहारों के सीजन में चोरी, झपटमारी और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। बाजारों में लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण किया जा रहा है और पुलिसकर्मियों को रेडियो नेटवर्क और मोबाइल अलर्ट सिस्टम से लगातार अपडेट रखा जा रहा है। डीसीपी सिटी ने व्यापारियों से भी अपील की है कि अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस पहल के कारण व्यापारियों को भी सुरक्षा का भरोसा मिला है और बाजारों में उत्सव का माहौल सुरक्षित बना हुआ है।

धवल जायसवाल ने बताया कि हम चाहते हैं कि गाजियाबाद का हर नागरिक त्योहारों का आनंद भयमुक्त रूप से उठाए। हमारी टीमें दिन-रात सक्रिय हैं, प्रत्येक बाजार और चौक पर निगरानी रख रही हैं। यह हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी आपात स्थिति नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा न बने। हमारी रणनीति अपराधियों के मंसूबों पर लगातार पानी फेर रही है और आमजन को सुरक्षा का भरोसा दे रही है। सिटी जोन पुलिस की सक्रियता ने यह भी साबित कर दिया है कि डीसीपी सिटी न केवल योजनाओं में माहिर हैं, बल्कि धरातल पर भी पूरी तरह सक्रिय हैं। उनकी सख्त निगरानी और अनुशासन ने बाजारों में अपराधियों को मुसीबत में डाल दिया है। इस रणनीति के परिणामस्वरूप चोरी, झपटमारी और अवैध गतिविधियों में कमी आई है। वहीं, आमजन और व्यापारियों ने डीसीपी सिटी और उनकी टीम की इस सक्रियता की खुले तौर पर सराहना की है।

त्योहारों के अवसर पर डीसीपी सिटी की कार्यशैली ने यह संदेश दिया है कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आमजन, व्यापारियों और प्रशासन के सहयोग से ही संभव है। बाजारों में चौकसी, बीट अफसरों की गश्त, महिला और सिविल वर्दी में पुलिसकर्मी, क्यूआरटी की सक्रियता और आधुनिक तकनीकी साधनों का इस्तेमाल, सभी मिलकर त्योहारों के अवसर को सुरक्षित और आनंदमय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की यह सख्त, स्पष्ट और सक्रिय कार्यशैली गाजियाबाद पुलिस की क्षमता का परिचायक है। उनके नेतृत्व में न केवल अपराधियों के मन में खौफ कायम हुआ है, बल्कि आमजन को भी विश्वास मिला है कि शहर में उनका सुरक्षा कवच मजबूत है। दीपावली और धनतेरस पर गाजियाबाद के बाजार अब सज-धजकर मनाए जाने वाले पर्वों के साथ सुरक्षित भी नजर आ रहे हैं। इस योजना के माध्यम से डीसीपी सिटी ने यह संदेश दिया है कि सुरक्षा, अनुशासन और सक्रियता के साथ ही त्योहारों का आनंद नागरिकों के लिए सुरक्षित और सशक्त बनाना संभव है। धवल जायसवाल और उनकी टीम की यह पहल गाजियाबाद में पुलिसिंग के नए मानक स्थापित करती है।

धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी

हम गाजियाबाद के नगर क्षेत्र को त्योहारों के दौरान नागरिकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दीपावली, धनतेरस और अन्य पर्वों के अवसर पर शहर में बढ़ती भीड़, बाजारों की हलचल और वाहन चलन को देखते हुए हमारी टीमों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। सभी थाना क्षेत्रों में बीट अफसर और क्यूआरटी टीम सक्रिय हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अपराध की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। हमने महिला पुलिसकर्मियों को सिविल वर्दी में बाजारों में तैनात किया है, ताकि महिलाओं को कोई असुरक्षा का अहसास न हो और वे स्वतंत्र रूप से खरीदारी कर सकें। इसके अलावा, व्यापारियों के साथ भी संवाद कायम किया गया है और उनसे कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमजन न केवल सुरक्षित महसूस करें, बल्कि उनके पर्व की खुशी और उल्लास में कोई बाधा न आए। त्योहारों के दौरान अपराधियों को कोई मौका न मिले, इसके लिए हमारी टीमें चौकसी में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। हमारी यह रणनीति और सक्रिय कार्यशैली शहरवासियों में सुरक्षा का विश्वास और अपराधियों में भय दोनों पैदा कर रही है।
धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी