एडीसीपी लिपि नगायच की रणनीति रंग लाई, 20 लाख के जेवरात समेत मसूरी पुलिस ने सगे भाइयों समेत तीन को दबोचा

-एडीसीपी लिपि नगायच के नेतृत्व में सटीक कार्रवाई, चोरी का पूरा नेटवर्क उजागर, पीडि़त ज्वेलर्स को मिली राहत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की विक्की से करीब 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में खुलासा कर दिया। इस बड़ी सफलता के पीछे एडीसीपी मसूरी लिपि नगायच की सख्त निगरानी, सटीक रणनीति और प्रभावी नेतृत्व अहम रहा। गुरुवार को मसूरी थाना पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया लगभग पूरा माल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई से एक बार फिर मसूरी सर्किल में पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के प्रति सख्त रवैये का संदेश गया है। एडीसीपी लिपि नगायच ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को ज्वेलर्स गजेंद्र कुमार निवासी टियाला, थाना हापुड़ देहात ने मसूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। गजेंद्र कुमार की ग्राम ढबारसी में सुनार की दुकान है। 13 जनवरी की शाम करीब छह बजे वह दुकान बंद कर सोने-चांदी के आभूषण और जरूरी कागजात एक बैग में रखकर विक्की से घर लौट रहे थे। रास्ते में वह गांव ढबारसी निवासी शाहनबाज के घर रुके, जिस पर करीब 25 हजार रुपये उधार थे।

गजेंद्र कुमार ने विक्की शाहनबाज के घर के बाहर खड़ी कर दी और तगादा करने अंदर चले गए। इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से विक्की पर रखा बैग चोरी कर लिया। बैग में करीब 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, डायरी, एटीएम कार्ड और कुछ नकदी रखी थी। घटना की सूचना मिलते ही एडीसीपी लिपि नगायच के निर्देशन में मसूरी थाना प्रभारी निरीक्षक अजय चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
एडीसीपी ने बताया कि पुलिस टीम ने सर्विलांस, स्थानीय सूचना तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को तेजी से आगे बढ़ाया। गुरुवार को पुलिस ने ग्राम ढबारसी निवासी शाहनबाज, उसके भाई शाहबाज पुत्र जरीफ और अबुजर पुत्र फरमान को मुबारिकपुर रोड बंबे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की पूरी साजिश कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि शाहनबाज पर ज्वेलर्स के 25 हजार रुपये उधार थे। इसी कारण वह अक्सर तगादा करने आता था। 13 जनवरी को गजेंद्र कुमार को जानबूझकर घर के अंदर भेज दिया गया और बाहर खड़ी विक्की से बैग चोरी कर लिया गया। बाद में तीनों ने बैग को झाडिय़ों में छिपा दिया।

बैग में मिले करीब पांच हजार रुपये आपस में बांटकर खर्च कर दिए गए, जबकि जेवरात को बहन के घर गांव नाहल में छिपा दिया गया। गुरुवार को तीनों आरोपी जेवरात लेकर गाजियाबाद में बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने उनके पास से सोने की 42 लौंग, चार जोड़ी कुंडल, 11 नोजपिन, सात जोड़ी कान की बाली, तीन लेडिज अंगूठी, एक कंठी सेट, तीन गले के ताबीज समेत कुल 80 सोने-चांदी के आभूषण, विक्की की चाबी, प्लास और आधार कार्ड बरामद किए। एडीसीपी लिपि नगायच की कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है। उनके नेतृत्व में मसूरी सर्किल में अपराधों के त्वरित खुलासे और सख्त कार्रवाई लगातार देखने को मिल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध चाहे छोटा हो या बड़ा, पुलिस की नजर से बच नहीं सकता। इस कार्रवाई से न सिर्फ पीडि़त ज्वेलर्स को राहत मिली है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।