प्लास्टिक मुक्त, सुरक्षित और सुव्यवस्थित कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन अलर्ट

• जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किया कांवड़ मार्ग का निरीक्षण, दिए साफ-सफाई और सुरक्षा के सख्त निर्देश
• कांवड़ मार्ग की सड़कों, शिविरों और दुकानों की व्यवस्थाओं की ली जानकारी
• प्लास्टिक के उपयोग पर रोक, सफाई और अग्निशमन इंतजामों पर विशेष जोर
• दुकानदारों को दिए निर्देश, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से न हो समझौता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कांवड़ मार्ग (पाइपलाइन मार्ग, मुरादनगर) का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को यात्रा मार्ग की कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर कहीं भी सड़क क्षतिग्रस्त न हो, यदि हो तो तत्काल मरम्मत की जाए। मार्ग पर गंदगी न फैले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे झाड़-फूंस, गूलर, भांग आदि के पौधे न दिखाई दें, इन्हें हटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मीट, मदिरा आदि की दुकानों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराते हुए कांवड़ यात्रा के दौरान पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करवाया जाए।

जिलाधिकारी ने अस्थायी कांवड़ शिविरों में साफ-सफाई, जल, विद्युत, शौचालय व चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने प्लास्टिक का उपयोग रोकने के लिए शिविर संचालकों को जागरूक करने पर ज़ोर दिया। अग्निशमन यंत्रों की जांच भी अनिवार्य रूप से करने को कहा गया। यात्रा मार्ग में लगे विद्युत खम्भों को इंसुलेटेड शीट से शीघ्र कवर करने और जलभराव की स्थिति न बनने देने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, चिकित्सा और आपात सेवाओं के सभी प्रबंध यात्रा शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर मौजूद दुकानदारों से बातचीत की और कहा कि यात्रियों को शुद्ध और ढंके हुए खाद्य पदार्थ ही परोसें। दुकानदारों को अपने दुकान का लाइसेंस, रेट लिस्ट चस्पा करने और प्रशासनिक नम्बरों को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई।

उन्होंने अंत में अपील की कि सभी दुकानदार, शिविर संचालक और आमजन कांवड़ यात्रा को सफल, स्वच्छ और शांतिपूर्ण बनाने में सहयोग करें। प्रशासन की ओर से हर संभव सुविधा दी जाएगी, लेकिन जनसहयोग भी उतना ही जरूरी है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों के संचालकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि भोज्य पदार्थों को ढंककर रखें, शुद्धता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, साथ ही दुकानों पर लाइसेंस और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए। जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि सभी दुकानदार व शिविर संचालक जिला प्रशासन, पुलिस व अन्य विभागों के आपातकालीन नंबर सुरक्षित रखें, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। अंत में जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, शिविर संचालकों और आमजन से अपील की कि वे इस आस्था के पर्व को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और सकुशल सम्पन्न कराने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें।