प्राधिकरण कार्यालय को यमुना सिटी के सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में डेवलप किया जाएगा। बिल्डिंग की डिजाइनिंग ऐसी होगी कि वह दूर से ही आकर्षक दिखेगा। यमुना एक्सप्रेस-वे के बीचो-बीच में स्थिति होने के कारण एक्सप्रेस-वे के हर छोड़ से यह बिल्डिंग दिखाई देगा। मुख्य प्रशासनिक कार्यालय के अलावा सेक्टर-22 डी, सेक्टर- 22 सी, सेक्टर-19 और सेक्टर-29 में जोनल कार्यालय भी प्रस्तावित है। कार्यालय परिसर में ही प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास बनाये जाएंगे।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) का मुख्य प्रशासनिक कार्यालय सेक्टर-18 में शिफ्ट होगा। प्राधिकरण कार्यालय को यमुना सिटी के सिग्नेचर बिल्डिंग के रूप में डेवलप किया जाएगा। बिल्डिंग की डिजाइनिंग ऐसी होगी कि वह दूर से ही आकर्षक दिखेगा। यमुना एक्सप्रेस-वे के बीचो-बीच में स्थिति होने के कारण एक्सप्रेस-वे के हर छोड़ से यह बिल्डिंग दिखाई देगा।
वर्तमान में यीडा का प्रशासनिक कार्यालय ग्रेटर नोएडा में स्थित है। यह कार्यालय काफी छोटा है। यहां पर अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जिस तेजी से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास कार्य हो रहे हैं और शहर नया आकार ले रहा है, ऐसे में यीडा के कार्यालय को जल्द से जल्द नये जगह पर शिफ्ट किये जाने की जरूरत महसूस हो रही है। मुख्य प्रशासनिक कार्यालय के अलावा सेक्टर-22 डी, सेक्टर- 22 सी, सेक्टर-19 और सेक्टर-29 में जोनल कार्यालय भी प्रस्तावित है। कार्यालय परिसर में ही प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास बनाये जाएंगे।
यीडा की प्लानिंग है कि जल्द से जल्द यमुना प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय और जोनल कार्यालय को ग्रेटर नोएडा से यमुना सिटी में शिफ्ट कर दिया जाये। प्राधिकरण का नया कार्यालय ग्रीन बिल्डिंग होगा। यहां प्राकृतिक रूप से रोशनी का पूरा इंतजाम होगा। इससे बिल्डिंग में बिजली की खपत कम होगी। कार्यालय हाईटेक और सुंदर होगा। नये में वाईफाई सुविधा सहित कई तरह की व्यवस्थाएं होंगी। यहां पर आने वाले लोगों और आवंटियों के बैठने का भी पूरा इंतजाम होगा। लगभग 27,800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में प्रस्तावित मुख्य प्रशासनिक कार्यालय परिसर के निर्माण पर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे और मुख्य कार्यालय पांच मंजिला होगा।
















