• करुणेन्द्र सिंह की टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर 365 शराब की बोतलें और तमंचा बरामद किया
• मुखबिर की सूचना और छापेमारी ने उजागर किया परच्यून दुकान के पीछे चल रहा अवैध धंधा
• घर और दुकान को बनाया हुआ था एनीटाइम अवैध शराब का अड्डा
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। त्योहारों के सीजन की तैयारी के बीच राजधानी लखनऊ में आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ भारी कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने शराब तस्करों में हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने अवैध शराब की बिक्री करने वाले दो बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से भारी मात्रा में शराब बरामद की। जानकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली कि सदाबहार कालोनी मुबारकपुर, थाना सैरपुर के निवासी नवनीत गुप्ता उर्फ गोपाल गुप्ता परच्यून की दुकान की आड़ में अवैध शराब का धंधा चला रहा है। यह दुकान विशेष रूप से रात में लाइसेंसी दुकान बंद होने और सुबह खुलने से पहले काम करती थी। ग्राहकों को शराब “एनीटाइम” देने का लालच देते हुए वो बोतलों पर अंकित मूल्यों से अधिक रकम वसूल करता था। सूचना मिलने के बाद आबकारी निरीक्षक शिखर कुमार मल्ल और अभिषेक सिंह की टीम गठित की गई। टीम ने खुद को ग्राहक के रूप में सिविल ड्रेस में भेजा और दुकान पर निरीक्षण किया। पहले तो दुकानदार ने शराब देने से इंकार किया, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद वह सिपाही को शराब दे बैठा। इसी बीच टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान दुकान और घर से बांबे सैफायर, जैगरमिस्टर, जैक डैनियल्स, रेड लेबल, टीचर्स, ब्लैक डांग, ब्लैक एंड व्हाइट, 100 पाइपर, बडवाइजर और ब्रीजर सहित कुल 365 बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद पूछताछ में तीसरे साथी के बारे में जानकारी मिली। आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षक विजय राठी और अखिलेश कुमार को तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया। तीसरा आरोपी मो. सिंह पुत्र रमेश सिंह, हरीनगर, बालागंज, थाना ठाकुरगंज से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से विभिन्न शराब के ब्रांड की 24 खाली बोतलें, 03 हॉफ, 01 पौवा, 77 क्यूआर कोड और एक देशी 315 बोर का तमंचा भी बरामद हुआ। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने बताया कि अवैध शराब का कारोबार सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं बल्कि समाज के लिए खतरनाक भी है। उन्होंने बताया कि इन अभियानों का उद्देश्य सिर्फ शराब पकडऩा नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा और त्योहार के मौके पर शुद्ध और सुरक्षित शराब सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि अवैध शराब से होने वाले स्वास्थ्य और सामाजिक संकट को रोकने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
विशेष रूप से दिवाली और शादी के सीजन से पहले करुणेन्द्र सिंह की रणनीति बेहद प्रभावी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि हर दिन नई योजना के साथ अवैध शराब के तस्करों को निशाना बनाया जा रहा है। इस छापेमारी में मुखबिर की सूचना, गुप्त निगरानी और ऑन-साइट जांच को मिलाकर तस्करों को पकडऩे की योजना बनाई गई। अधिकारियों का कहना है कि नवनीत गुप्ता और उसके साथी शराब की महंगी बोतलों में सस्ती शराब भरकर ग्राहकों से मोटी रकम वसूल रहे थे। इस तरह के मामलों में उन्होंने टीम को निर्देशित किया कि न केवल शराब बरामद की जाए बल्कि आरोपी के नेटवर्क और सप्लाई चैन का भी पूरा पता लगाया जाए।
अब तक की कार्रवाईयों में यह स्पष्ट हो गया है कि करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग दिवाली से पहले अवैध शराब के कारोबार में शामिल तस्करों पर सख्त नियंत्रण स्थापित कर चुका है। उनका यह अभियान न केवल अवैध शराब की सप्लाई को रोक रहा है बल्कि कानून का संदेश भी प्रभावी ढंग से दे रहा है। आगामी त्योहारों और शादी सीजन को ध्यान में रखते हुए करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि विभाग लगातार ऐसे छापेमारी अभियानों को अंजाम देगा और आम जनता के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध शराब से जुड़े किसी भी जानकारी के लिए विभाग से संपर्क करें, ताकि ऐसे अवैध धंधों को समय पर रोका जा सके। इस कार्रवाई से राजधानी में अवैध शराब के कारोबारियों में भय और हड़कंप फैल गया है। करुणेन्द्र सिंह की रणनीति और निष्पक्ष कार्यवाही ने साबित कर दिया है कि अब कोई भी अवैध धंधा सुरक्षित नहीं रह सकता। इस अभियान के चलते लखनऊ में दिवाली से पहले कानून और व्यवस्था की तस्वीर मजबूत हुई है।
जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे विभाग की प्राथमिकता हमेशा जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की दृढ़ता रही है। दिवाली और शादी के सीजन से पहले अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार निगरानी और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। हमारी टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर अवैध शराब के तस्करों को पकड़कर उनके धंधे को नष्ट किया। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी अवैध शराब का कारोबार सुरक्षित नहीं रहेगा। इसके लिए हर कार्रवाई में सटीक रणनीति, गुप्त निगरानी और मौके पर कड़ी छापेमारी की जा रही है। हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि शराब का अवैध व्यापार न केवल सामाजिक और स्वास्थ्य संकट पैदा करता है, बल्कि कानून का उल्लंघन भी करता है। हम जनता से अपील करते हैं कि वे अवैध शराब की किसी भी जानकारी के लिए विभाग से संपर्क करें। हमारी टीम का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि सुरक्षा और कानून का संदेश जनता तक पहुँचाना है। दिवाली के मौके पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।


















