- दो तस्कर गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद
- जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह की सख्त रणनीति और टीम की सक्रियता
- लाइसेंसी दुकानों को चेतावनी, अवैध सप्लाई रोकने में मिली सफलता
- आगामी राउन्ड्स में सतर्कता जारी, जनता और व्यापारियों को सहयोग का संदेश
उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। राजधानी में आगामी त्योहारों और बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आबकारी विभाग ने अवैध शराब के विरुद्ध चल रही मुहिम को और तीव्र कर दिया है। जिले के जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने खुद इस कार्ययोजना का नेतृत्व करते हुए कड़ा नेटवर्क तैयार किया, जिससे शराब माफियाओं और तस्करों को उनकी औकात दिखा दी गई। बुधवार-गुरुवार की साझा कार्रवाई में ट्रैप रैकेट का पर्दाफाश हुआ और राजाजीपुरम स्थित एक ठिकाने से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद कर दो तस्कर गिरफ्तार किए गए।
पदाधिकारीयों के अनुसार, विभाग ने पहले ही सभी लाइसेंसी दुकानों को कड़ी चेतावनी जारी कर सूचित किया था कि किसी भी नियमविरुद्ध व्यक्ति को शराब न बेची जाए। खासकर वे व्यक्ति जो बार-बार दुकान पर आकर अति मात्रा में खरीदारी करते हैं, उनकी रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। यह सतर्कता इसलिए आवश्यक थी क्योंकि कुछ तस्कर और छोटे-मोटे माफिया इस बंदी का फायदा उठाकर अवैध स्टॉक कर रहे थे और मांग बढऩे पर उसकी आपूर्ति कर रहे थे। जिले की टीम ने सूचना मिलते ही कार्यवाहियों का जाल बिछाया। आबकारी निरीक्षक विजय राठी व कृष्ण कुमार सिंह की संयुक्त टीम ने राजाजीपुरम के सी-47/28, निकट एमआइएस चौराहा पर स्थित किराए के घर को लक्ष्य बनाया। पहले एक अधिकारी को ग्राहक बनाकर भेजा गया और जैसे ही अवैध बिक्री की पुष्टि हुई, पीछे से डॉग्ड टीम ने दबिश दे दी। इस तरह सूझबूझ और आधुनिक जांच पद्धति का बेहतरीन नमूना देखने को मिला।
दबिश में तस्करों के कब्जे से वेट-69 के 48 पव्वे, 100 पाइपर की चार बोतलें, रॉयल स्टैग की चार बोतलें, ऑफिसर चॉइस ब्रांड का एक टेट्रा पैक, लगभग आधी भरी 100 पाइपर की एक बोतल तथा 4 खाली रॉयल स्टैग की बोतलें बरामद की गईं। मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवम जायसवाल पुत्र नरेश चंद्र (ग्राम कोटरा, जिला सीतापुर) और शमी अहमद पुत्र अली हसन (ग्राम नूरपुर, जिला सीतापुर) के खिलाफ थाना तालकटोरा में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई की खासियत यह रही कि विभाग ने न केवल पकड़-धकड़ की रणनीति अपनाई, बल्कि पूर्व-सतर्कता से संभावित रूटों और सप्लाई चैन का विश्लेषण कर रखा था। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह ने कहा कि हम किसी भी हाल में त्योहारों और चुनाव के दौरान अवैध व्यापारियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमारी टीमें पूरे जिले में मुस्तैद रहेंगी और जो भी नियम तोड़ेगा उसके खिलाफ कड़क कार्रवाई होगी।
आबकारी निरीक्षक विजय राठी ने बताया कि तस्करों के रैकेट को रोकने के लिए लाइसेंसी दुकानों को भी निर्देश दिया गया कि वे अनियमित खरीददारों की सूचना तुरंत विभाग को दें। इसी सतर्कता ने इस जाल को कामयाब बनाया। कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि अवैध शराब से होने वाली घटनाएं न केवल कानून की अवमानना हैं, बल्कि जनता की सेहत और सुरक्षा के लिए भी बड़ा संकट हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ हम पुख्ता मनोबल के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
इस पूरी मुहिम में प्रशासनिक सतर्कता, क्षेत्रीय खुफिया जानकारी और जमीन पर चलती कार्रवाई का सम्मिलित प्रभाव साफ नजर आया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में भी इसी प्रकार के राउन्ड्स चलाए जाएंगे और संभावित ठिकानों की निगरानी तेज़ रहेगी। साथ ही व्यापारियों व आमजन को भी अवैध शराब की खरीदारी से हटकर विभाग से सहयोग करने का संदेश दिया गया है। विशेष रूप से कहा जा सकता है कि जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह की सक्रियता और निरीक्षक विजय राठी व कृष्ण कुमार सिंह जैसे फील्ड अधिकारियों की कार्यवाही ने यह प्रमाणित कर दिया है कि जब इरादा दृढ़ और योजना संगठित होती है तो अवैध माफिया की चेन जल्दी ही टूट सकती है। सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी निरंतर कार्रवाई आवश्यक रहेगी और विभाग इसे भूलेगा नहीं। अभियान के इस दूसरे चरण ने एक बार फिर दिखा दिया कि प्रशासन ने त्योहारों और चुनाव के समक्ष किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ रखी है और आबकारी विभाग की टीम जनता की सुरक्षा के लिए चौकस रहेगी।
















