-आजादी के बाद पहला राज्यपाल दौरा: हटनी में प्रशासन और जनता से सीधा संवाद
-जनसेवक तरुण मिश्र का व्यक्तिगत आमंत्रण: राज्यपाल उनके आवास पर भी होंगे एक घंटे तक
-सुरक्षा और तैयारी: प्रशासन ने दौरे के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए
-जनसेवक तरुण मिश्र का व्यक्तिगत आमंत्रण: राज्यपाल उनके आवास पर भी होंगे एक घंटे तक
-सुरक्षा और तैयारी: प्रशासन ने दौरे के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए
उदय भूमि संवाददाता
पटना। बिहार के मधुबनी जिले का सुदूर गांव हटनी 6 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगा, जब राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान इस क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस अवसर को लेकर जनसेवक तरुण मिश्र ने पटना के राज भवन में बुधवार को राज्यपाल से विशेष मुलाकात की और आगामी दौरे की तैयारियों पर चर्चा की। तरुण मिश्र ने बताया कि यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि हटनी आजादी के बाद से अब तक किसी राज्यपाल का दौरा नहीं देख पाया है। यह दौरा हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यहां के लोगों की समस्याओं और विकास की दिशा को सीधे तौर पर राज्यपाल के सामने रखने का अवसर प्रदान करेगा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस अवसर पर कहा कि वे हटनी में प्रशासनिक और जनसंपर्क दोनों स्तरों पर क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से यह आश्वासन दिया कि वे जनसेवक तरुण मिश्र के आवास पर भी करीब एक घंटे तक रुकेंगे, जिससे स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। राज्यपाल ने यह भी कहा कि उनका दौरा केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इस दौरान वे क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को समझने और उनकी दिशा तय करने का प्रयास करेंगे।
पटना। बिहार के मधुबनी जिले का सुदूर गांव हटनी 6 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगा, जब राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान इस क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस अवसर को लेकर जनसेवक तरुण मिश्र ने पटना के राज भवन में बुधवार को राज्यपाल से विशेष मुलाकात की और आगामी दौरे की तैयारियों पर चर्चा की। तरुण मिश्र ने बताया कि यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि हटनी आजादी के बाद से अब तक किसी राज्यपाल का दौरा नहीं देख पाया है। यह दौरा हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यहां के लोगों की समस्याओं और विकास की दिशा को सीधे तौर पर राज्यपाल के सामने रखने का अवसर प्रदान करेगा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस अवसर पर कहा कि वे हटनी में प्रशासनिक और जनसंपर्क दोनों स्तरों पर क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से यह आश्वासन दिया कि वे जनसेवक तरुण मिश्र के आवास पर भी करीब एक घंटे तक रुकेंगे, जिससे स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। राज्यपाल ने यह भी कहा कि उनका दौरा केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इस दौरान वे क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को समझने और उनकी दिशा तय करने का प्रयास करेंगे।
तरुण मिश्र ने कहा कि हमने राज्यपाल के दौरे के लिए सभी तैयारी शुरू कर दी हैं। स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय किया गया है। यह दौरा हमारे लिए गर्व का विषय है और मैं राज्यपाल के स्वागत के लिए पूरी टीम के साथ पूरी तरह तैयार हूँ। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि दौरे के दौरान सभी संभावित सुरक्षा खतरों का जायजा लिया गया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा जाल बिछा दिया है। विशेष सुरक्षा बल, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक स्टाफ़ के सहयोग से राज्यपाल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरे के माध्यम से राज्यपाल और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास करेंगे। साथ ही जनता से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को शीघ्र हल करने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा क्षेत्रीय परियोजनाओं और विकास संबंधी योजनाओं का भी जायजा लिया जाएगा। तरुण मिश्र ने जनता से अपील करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि सभी लोग इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनें। यह दौरा हमारे लिए गर्व का विषय है और हमें इसे एक सकारात्मक और उपयोगी अनुभव में बदलना है।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल का दौरा स्थानीय लोगों के लिए प्रेरणा और प्रशासनिक सहयोग का माध्यम साबित होगा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के इस दौरे से हटनी गांव और आसपास के क्षेत्र में प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह दौरा क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस तरह 6 अक्टूबर को हटनी का यह दौरा न केवल ऐतिहासिक होगा, बल्कि स्थानीय जनता और प्रशासन के बीच एक नई कड़ी का निर्माण करेगा।
















