वायु गुणवत्ता में हो रहा सुधार, प्रदूषण की रोकथाम के लिए पानी का छिड़काव जारी

-वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पानी के छिड़काव से राहत: नगर आयुक्त

गाजियाबाद। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए नगर निगम की टीम द्वारा पानी का छिड़काव लगातार जारी है। नगर निगम द्वारा किए जा रहे प्रयासों से शहर की वायु में सुधार देखने को भी मिल रहा है। वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम की टीमें सुबह-शाम लगातार पानी का छिड़काव कर रही है। धूल को वातावरण में फैलने से रोकने के लिए पानी का सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं पेड़ों की भी पानी की फुहारे से धुलाई हो रही है। जिससे वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकें। वहीं नगर आयुक्त द्वारा की गई अपील का भी लोगों में असर दिखाई दे रहा है। नगर निगम की टीम के साथ लोग भी अपने घर के आसपास और पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव कर रहे है।

सार्वजनिक स्थल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थल, बस अड्डे व अन्य स्थानों पर जहां आवागमन अधिक बना रहता है, पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम निरंतर प्रयासरत है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक द्वारा निगम अधिकारियों को चल रही कार्यवाही की मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए भी आदेश दिए हैं। जिसके क्रम में जलकल विभाग की टीम हो रहे पानी के छिड़काव के लिए ग्राउंड लेवल पर जाकर कार्य कर रही है। वायु प्रदूषण को काम करने के लिए रूट निर्धारित करते हुए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। वॉटर स्प्रिंकलर मुख्य मार्गो को कवर कर रहे हैं। वहीं सार्वजनिक स्थलों को कवर करते हुए सीवर जेटिंग मशीन, पानी के टैंकरों के माध्यम से तेजी से कार्यवाही कराई जा रही है।

लगभग 25 टैंकरों के माध्यम से और पांच अन्य मशीनों के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। हवा में शुद्धता लाने के लिए नगर निगम जन सहयोग के लिए भी अपील कर रहा है। नगर आयुक्त द्वारा भी शहर वासियों से अपने घरों के आसपास प्रतिष्ठानों के आसपास पानी के छिड़काव की अपील की जा रही है। क्षेत्रीय पार्षदों का भी निगम को सहयोग मिल रहा है। नगर निगम की टीम जन सहयोग के साथ बढ़ते वायु प्रदूषण पर कंट्रोल कर रही है। पानी के छिड़काव से क्षेत्र वासियों को भी राहत मिल रही है। आवश्यकतानुसार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है जिसमें ऐतिहासिक मूर्तियां मुख्य द्वारों और मुख्य चौराहा पर धुलाई का कार्य भी किया जा रहा है।