-9वें जीनियस चेस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर जीता द्वितीय स्थान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित आधारशिला ग्लोबल स्कूल में रविवार को आयोजित 9वें जीनियस चेस टूर्नामेंट में डीपीएस मेरठ रोड के छात्र अक्षित शर्मा ने अपनी बुद्धिमत्ता और धैर्य का ऐसा परिचय दिया कि पूरे टूर्नामेंट में उनकी रणनीति की सराहना की गई। अंडर-17 आयु वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अक्षित ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में गाजियाबाद और आस-पास के जिलों के दर्जनों स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। टूर्नामेंट विभिन्न आयु श्रेणियों में आयोजित किया गया था—अंडर 07, 09, 11, 13, 15, 17 और बोर्न इन या आफ्टर 2018, 2016, 2014, 2012, 2010 व 2008। सभी वर्गों में छात्रों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता फॉर्मेट ’15+10 सेकंडÓ पर आधारित था, जिसमें खिलाड़ी को हर चाल सोच-समझकर बेहद सीमित समय में चलनी होती है।
अक्षित शर्मा, जो डीपीएस मेरठ रोड में कक्षा 9वीं का छात्र है, ने टूर्नामेंट के हर मुकाबले में बेहतरीन सोच और शानदार मूव्स से अपने प्रतिद्वंद्वियों को चौंकाया। उनके चालों में गहराई और रणनीति स्पष्ट दिखती थी। इससे पूर्व भी अक्षित ने 31 मार्च को आयोजित पजल चैंप प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी विश्लेषण क्षमता का लोहा मनवाया था। इस सफलता के बाद अक्षित शर्मा ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा कि मैं हर मैच को एक नए चैलेंज की तरह लेता हूँ। शतरंज मेरे लिए सिर्फ खेल नहीं, एक सोचने की कला है। मेरे माता-पिता और स्कूल ने हमेशा मुझे प्रेरित किया और मेरा मनोबल बढ़ाया। मैं आगे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश और स्कूल का नाम रोशन करना चाहता हूँ।
डीपीएस मेरठ रोड के प्राचार्य ने अक्षित की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा, अक्षित जैसे होनहार छात्र विद्यालय की शान हैं। वह केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं उन सभी बच्चों के लिए जो बुद्धिमत्ता आधारित खेलों में रुचि रखते हैं। स्कूल परिवार को उस पर गर्व है। अक्षित की इस उपलब्धि पर उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। उनकी माँ ने कहा, अक्षित बचपन से ही शांत और गंभीर स्वभाव का है। उसकी रूचि शुरू से ही पज़ल्स और दिमागी खेलों में रही है। हम उसकी मेहनत और लगन को देखकर बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह सफलता गाजियाबाद के लिए भी गौरव की बात है कि यहां के स्कूलों में ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे शिक्षा और सह-पाठ्यक्रम दोनों क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

















