-15 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी ने आयोजक व कोच को हराकर दिखाई बौद्धिक प्रतिभा, स्कूल और शहर का नाम किया रोशन
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-105, फॉरच्यून वर्ल्ड स्कूल में आयोजित काबिल किड्स रेपिड चेस टूर्नामेंट में शतरंज प्रतिभाओं ने अपनी बुद्धिमत्ता और रणनीतिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों से आए कुल 61 प्रतिभागी बच्चों ने हिस्सा लिया। अंडर-14, अंडर-15 और ओपन वर्गों में आयोजित इस टूर्नामेंट ने बच्चों के भीतर छिपी बौद्धिक क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को उजागर किया। इस प्रतियोगिता में गाजियाबाद मेरठ रोड स्थित डीपीएसजी स्कूल के कक्षा-9 के छात्र अक्षित शर्मा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मात्र 15 वर्ष की आयु में अक्षित शर्मा ने ओपन वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर न केवल अपने स्कूल बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। खास बात यह रही कि अक्षित ने इस बार के टूर्नामेंट में आयोजक एवं अनुभवी शतरंज कोच आशीष कुमार सिंह को भी पराजित कर सभी को चौंका दिया। काबिल किड्स रेपिड चेस टूर्नामेंट में ओपन वर्ग के मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। यहां उम्र और अनुभव की सीमाएं टूटती नजर आईं। अक्षित शर्मा ने अपने शांत स्वभाव, सटीक चालों और दूरदर्शी रणनीति से बड़े-बड़े खिलाडिय़ों को कड़ी टक्कर दी। आयोजक और कोच आशीष कुमार सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी को हराना अक्षित की असाधारण प्रतिभा और निरंतर अभ्यास का प्रमाण है।
प्रतियोगिता के दौरान अक्षित ने हर मुकाबले में धैर्य बनाए रखा और खेल के हर चरण में संतुलित निर्णय लिए। उनकी खेल शैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य में भी शतरंज की दुनिया में एक सशक्त पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। अक्षित शर्मा की इस शानदार उपलब्धि पर उनके माता-पिता मनोज शर्मा और प्रीति शर्मा ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अक्षित की मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ही उसकी सफलता की सबसे बड़ी वजह है। परिवार ने अक्षित को बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने है। डीपीएसजी स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी अक्षित की उपलब्धि पर बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्कूल का कहना है कि अक्षित जैसे विद्यार्थी अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा हैं, जो यह साबित करते हैं कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
काबिल किड्स रेपिड चेस टूर्नामेंट का उद्देश्य बच्चों में बौद्धिक विकास, एकाग्रता और निर्णय क्षमता को बढ़ावा देना है। आयोजकों ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खुद को परखने का अवसर देती हैं। टूर्नामेंट के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि क्षेत्र में शतरंज के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। इस आयोजन ने न केवल उभरते खिलाडिय़ों को मंच दिया, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी यह संदेश दिया कि शतरंज जैसे खेल बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुल मिलाकर, काबिल किड्स रेपिड चेस टूर्नामेंट अक्षित शर्मा जैसे होनहार खिलाडिय़ों के लिए एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। अक्षित की यह उपलब्धि आने वाले समय में और बड़ी सफलताओं की ओर इशारा करती है, जिससे वह निस्संदेह जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकते हैं।

















