तरुण मिश्र ने उठाए मिथिला क्षेत्र के विकास के मुद्दे, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की विस्तारपूर्वक चर्चा

-किसानों की समस्याओं और सरकारी खाद-बीज वितरण में सुधार की मांग
-गांव हटनी में डिग्री कॉलेज और परिवहन सुविधा स्थापित करने की पहल
-अवैध कब्जे और ग्रामीण विकास में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर

उदय भूमि संवाददाता
पटना। मिथिला क्षेत्र के विकास और सामाजिक मुद्दों को लेकर रविवार को जन सेवक तरुण मिश्र ने राज्यपाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान से पटना के लोक भवन में तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री आवास में व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की पिछड़ी स्थिति, किसानों की समस्याओं और अवैध कब्जे के मामलों पर गंभीर चर्चा की।
तरुण मिश्र ने बताया कि मिथिला क्षेत्र आज भी काफी पिछड़ा हुआ है और अधिकांश लोग केवल खेती पर निर्भर हैं। खेती के बिना किसान बेरोजगार जैसे महसूस करते हैं। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट किया कि सरकारी दुकानों से किसानों को मिलने वाले खाद्य और बीज को अक्सर कालाबाजारी के कारण ब्लैक मार्केट में ही खरीदना पड़ता है। इस समस्या के निराकरण के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि इस पर तत्काल जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को उनकी वास्तविक लाभ सामग्री समय पर मिल सके। तरुण मिश्र ने अवैध कब्जों के मामले पर भी गंभीरता से अपनी चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा केवल उन इलाकों में देखा जा रहा है जहां तक सड़कों की पहुंच है, जबकि सबसे अधिक अवैध कब्जा ग्रामीण और देहात क्षेत्रों में है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूरे क्षेत्र में इस पर व्यापक जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। इस पहल में तरुण मिश्र की कार्यशैली को विशेष रूप से उल्लेखनीय कहा जा सकता है। वे समस्या की गहराई तक जाकर, सभी स्तरों पर अधिकारियों और उच्च पदाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुद्दों को उठाते हैं। उनकी सक्रियता और योजनाबद्ध दृष्टिकोण ने अधिकारियों के बीच सकारात्मक प्रभाव पैदा किया और मिथिला क्षेत्र के लिए ठोस कदम उठाने की दिशा में सहमति बनाई। मुलाकात के दौरान तरुण मिश्र ने गांव हटनी में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि हटनी गांव एक सुदृढ़ क्षेत्र है और यहां से पटना, मुज्जफ्फरपुर, मधुबनी और दरभंगा तक लोगों के लिए उचित परिवहन सुविधा नहीं है। लोग प्राइवेट बसों पर निर्भर हैं, जिससे उन्हें मनमाना किराया देना पड़ता है। तरुण मिश्र ने सुझाव दिया कि हटनी गांव से इन प्रमुख शहरों के लिए सरकारी बसों का संचालन किया जाए। इससे न केवल ग्रामीणों को सस्ती और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित होगी, बल्कि अवैध बस संचालन पर भी रोक लगेगी और राज्य को राजस्व में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सरकारी बसों के संचालन से क्षेत्र में समान अवसर और सामाजिक न्याय की दिशा में कदम बढ़ेंगे। इस अवसर पर तरुण मिश्र ने अपने संगठनात्मक दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी वर्ग के लाभ से कोई भी वंचित न हो। उनकी सक्रियता और निरंतर संवाद ने अधिकारियों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ाया।

तरुण मिश्र ने कहा कि हमारे मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए किसानों, विद्यार्थियों और आम जनता की समस्याओं का समाधान तुरंत आवश्यक है। इसके लिए सभी सरकारी विभागों और अधिकारियों का सक्रिय योगदान जरूरी है। मेरा प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं का लाभ सही समय पर पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तरुण मिश्र की सक्रिय और योजनाबद्ध कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र के विकास और सामाजिक न्याय के लिए उनकी प्रतिबद्धता को प्रेरक बताया। तरुण मिश्र ने यह साबित कर दिया कि व्यक्तिगत पहल, समस्या की गहन समझ और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद के माध्यम से क्षेत्रीय विकास में ठोस बदलाव लाया जा सकता है। उनके प्रयासों से मिथिला क्षेत्र में किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए बेहतर अवसर और सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की उम्मीद जग गई है।