हंसी-खुशी के बीच सुरक्षा का सख्त संदेश-सुरक्षा का भरोसा, संवाद की मिसाल बनीं एसीपी उपासना पांडेय

-वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के बीच पहुंचकर साइबर अपराध पर दिया स्पष्ट संदेश

-एसीपी उपासना पांडेय ने वरिष्ठ नागरिकों संग साझा किए पल, साइबर क्राइम पर किया जागरूक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के सेक्टर-14 राजनगर स्थित पार्क में शनिवार को सामाजिक सरोकार, सुरक्षा जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम देखने को मिला। पेराडाइज क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के साथ हंसी-खुशी के पल साझा किए गए। इस अवसर पर एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया, क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पुलिस अधिकारी के रूप में, बल्कि एक संवेदनशील और संवादशील प्रशासक के रूप में लोगों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान एसीपी उपासना पांडेय ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव को लेकर गंभीर लेकिन सरल भाषा में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और मैसेज के माध्यम से अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी-सी सतर्कता और सही जानकारी से इन अपराधों से बचा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी अनजान कॉल, ओटीपी मांगने वाले मैसेज या संदिग्ध लिंक पर बिना जांच प्रतिक्रिया न दें।

एसीपी उपासना पांडेय ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कार्यक्रम किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें, पुलिस हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

कार्यक्रम में एसीपी की कार्यशैली विशेष रूप से सराहना का विषय रही। उन्होंने मंच से भाषण देने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनकी बातें सुनीं और समस्याओं को गंभीरता से समझा। उनका सहज, आत्मीय और भरोसा दिलाने वाला व्यवहार उपस्थित लोगों को भावुक कर गया। कई महिलाओं ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए, जिस पर एसीपी ने उन्हें उचित सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान मनोरंजन और सहभागिता का भी विशेष ध्यान रखा गया। विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंताक्षरी में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और माहौल तालियों व ठहाकों से गूंज उठा। खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया।

पेराडाइज क्लब की अध्यक्षा मीनाक्षी बंसल ने कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए कई आश्चर्यजनक और मनोरंजक खेल खिलवाए। वरिष्ठ नागरिकों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया। इस दौरान बेगचंद ने गिटार पर मधुर धुनें प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं डॉ. संतोष त्यागी ने भजन सुनाकर आध्यात्मिक वातावरण बना दिया। अन्य सदस्यों ने भी भजन और गीत प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर गया।

कार्यक्रम में नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी, राजनगर मंडल अध्यक्ष नीरज त्यागी, संजीव गुप्ता, पर्यावरणविद आकाश वशिष्ठ, गगनदीप सिंह, सुभाष अरोड़ा, कमलेश बंसल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एसीपी उपासना पांडेय की कार्यशैली, सरलता और स्पष्ट संदेश की सराहना की।

कार्यक्रम के समापन पर यह स्पष्ट संदेश उभरकर सामने आया कि पुलिस और समाज के बीच संवाद और भरोसा जितना मजबूत होगा, अपराधों पर उतना ही प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। एसीपी उपासना पांडेय की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि जब पुलिस जनता के बीच जाकर संवेदनशीलता के साथ संवाद करती है, तो सुरक्षा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि साझी भावना बन जाती है।