हरनंदीपुरम टाउनशिप को मिली रफ्तार, 50 हेक्टेयर जमीन जीडीए के नाम, 115 हेक्टेयर और जल्द होगी खरीदी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार गाजियाबाद में सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निरंतर प्रयासों के चलते किसानों से आपसी सहमति के आधार पर लगभग 50 हेक्टेयर भूमि का बैनामा जीडीए के पक्ष में संपन्न हो चुका है, जबकि 115 हेक्टेयर भूमि को खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में गाजियाबाद के नियोजित विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि हरनंदीपुरम योजना के लिए कुल लगभग 501 हेक्टेयर भूमि खरीदने का प्रस्ताव है, जिसे दो चरणों में किसानों से आपसी सहमति के आधार पर लिया जाना है। प्रथम चरण में 50 हेक्टेयर भूमि का बैनामा पूरा हो चुका है और शेष भूमि के लिए किसानों से सहमति प्राप्त होने के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष भूमि के बैनामे भी शीघ्र पूरे कर लिए जाएंगे।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक तेज करने के उद्देश्य से भू-अर्जन अनुभाग के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। किसानों से संवाद को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए जीडीए द्वारा एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जिस पर भूमि खरीद से संबंधित समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों का भरोसा बढ़ा है और प्रक्रिया में तेजी आई है।

जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत सैटेलाइट सर्वे यानी टोपोग्राफिकल सर्वे सहित पूरी टाउनशिप का ले-आउट अगले तीन महीनों में तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र में विकास कार्य औपचारिक रूप से प्रारंभ करा दिए जाएंगे। इस नई टाउनशिप के विकसित होने से गाजियाबाद को सुनियोजित शहरी विकास की नई पहचान मिलेगी और दिल्ली से सटे क्षेत्रों पर बढ़ते दबाव को भी संतुलित किया जा सकेगा।

इस बीच हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जीडीए ने सख्त रुख अपनाया है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर टीम ने क्षेत्र में जांच कर ग्राम शमशेर के खसरा संख्या 750 में अवैध खनन कार्य को मौके पर ही रुकवाया। इस दौरान ईंट भट्ठा मालिक द्वारा अपने कर्मियों को एकत्र कर हंगामा करने का प्रयास किया गया, लेकिन जीडीए टीम ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

जीडीए ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में भी अवैध खनन में लिप्त कई डंपरों को पकड़कर सीज किया जा चुका है और आगे भी इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। हरनंदीपुरम योजना क्षेत्र को अवैध गतिविधियों से मुक्त कर नियोजित विकास सुनिश्चित करना जीडीए की प्राथमिकता है।