- जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में दिन-रात डेरा डालकर शराब माफियाओं की तोड़ी जा रही कमर
- 500 किलोग्राम लहन और 15 लीटर कच्ची शराब बरामद, अवैध भट्टी ध्वस्त
- जागरूकता अभियान के जरिए ग्रामीणों को अवैध शराब के खतरों से किया गया परिचित
- नववर्ष और चुनावी माहौल को देखते हुए पूरे जिले में बढ़ाई गई विशेष निगरानी
- अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं: संजय कुमार प्रथम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नववर्ष और आगामी चुनावी माहौल से पहले अवैध शराब के काले कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए गाजियाबाद आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। हिंडन खादर क्षेत्र, जिसे लंबे समय से अवैध शराब निर्माण का गढ़ माना जाता रहा है, वहां आबकारी विभाग की टीम ने दिन-रात डेरा डालते हुए शराब माफिया की कमर तोडऩे की ठोस रणनीति लागू कर दी है। इस अभियान का नेतृत्व स्वयं जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम कर रहे हैं, जिनकी सख्त निगरानी और प्रभावी योजना से शराब माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। त्योहारी और चुनावी सीजन में अवैध शराब का निर्माण और तस्करी तेजी से बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आबकारी विभाग ने समय रहते हिंडन खादर क्षेत्र में अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है। विभाग का उद्देश्य केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना और स्थानीय लोगों को जागरूक कर इस लड़ाई में सहभागी बनाना भी है।
हिंडन खादर क्षेत्र में आबकारी विभाग की लगातार गश्त और चौकसी से शराब माफियाओं के पारंपरिक ठिकाने असुरक्षित हो गए हैं। जंगलों, नदी किनारे और सुनसान इलाकों में बनाए जाने वाले अवैध भट्टों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
आबकारी टीम न केवल छापेमारी कर रही है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को यह भी समझा रही है कि अवैध शराब समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए कितना घातक है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया कि शनिवार को आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत थाना लोनी के अंतर्गत भूपखेड़ी और थाना टीला मोड़ के अंतर्गत रिस्तल, जावली सहित हिंडन खादर के विभिन्न इलाकों में दबिश दी गई। लंबे समय से चल रही खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने जंगलों के बीच छिपाकर रखे गए अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को निशाना बनाया। छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। जंगल के अंदर गुप्त रूप से रखी गई करीब 500 किलोग्राम लहन और 15 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। मौके पर ही अवैध कच्ची शराब को कब्जे में लेते हुए लहन को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
इसके साथ ही अवैध शराब भट्टी को भी मौके पर ध्वस्त कर दिया गया, जिससे दोबारा वहां शराब निर्माण की संभावना समाप्त हो गई। आबकारी विभाग अब किसी भी कीमत पर अवैध शराब के कारोबार को पनपने नहीं देगा। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नववर्ष और चुनावी समय को देखते हुए पूरे जिले में विशेष निगरानी रखी जा रही है। शराब माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध शराब न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद घातक है। नकली और कच्ची शराब से हर वर्ष कई निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। ऐसे में इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आबकारी विभाग की इस सक्रिय और सख्त कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में इतनी मजबूत कार्रवाई देखने को मिली है, जिससे शराब माफिया में डर का माहौल बना है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान से भी लोगों में विश्वास बढ़ा है और वे अवैध शराब के खिलाफ जानकारी साझा करने के लिए आगे आ रहे हैं।
आबकारी विभाग की टीम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में हिंडन खादर ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी इसी तरह के सघन अभियान चलाए जाएंगे। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और अवैध शराब के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। नववर्ष से पहले आबकारी विभाग की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि समाज को एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल देने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगी।


















