कल उगते सूरज को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा पर्व
पटना। देशभर में सूर्य उपासना का महापर्व छठ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जा रहा है। 4 दिवसीय महापर्व के तीसरे दिन आज शाम छठ घाटों पर ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके लिए घाटों पर आवश्यक तैयारियां की गई हैं। मुख्य मार्गों के किनारे जो घाट हैं, वहां सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महापर्व का समापन हो जाएगा। छठ व्रतियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। 4 दिवसीय छठ महापर्व की खूब धूम देखने को मिल रही है। खासकर बिहार और पश्चिम बंगाल में यह पर्व भव्य स्तर पर मनाया जाता रहा है, मगर कोरोना काल में श्रद्धालुओं को काफी एहतियात बरतनी पड़ रही है। दिल्ली में छठ पर्व मनाने के लिए सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी है। बिहार और पश्चिम बंगाल में भी छठ घाटों पर ज्यादा भीड़ न उमड़े, इसका ख्याल रखा जा रहा है। आज शाम छठ घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। ऐसे में भगवान भास्कर की उपासना कर मुराद मांगी जाएंगी। इसके पहले वीरवार को खरना व्रत था। अंत:करण की शुद्धि के लिए खरना व्रत रखा गया। गुड़, अरवा चावल एवं दूध से बने रसिया का शाम के छठ मैया को भोग लगाया गया। खरना के दिन छठ मैया का आह्वान कर एकांत में भोग लगाया गया। ऐसी मान्यता है कि छठ मैया एकांत व शांत स्थान पर भोग ग्रहण करती हैं। छठ पर्व नदियों-तालाबों के किनारे घाट बनाकर मनाने की परंपरा है। इसके लिए नदी-घाटों पर तैयारियां की गई हैं। बता दें कि महापर्व छठ बुधवार को नहाय-खाय के साथ आरंभ हुआ था। पहले दिन गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी। छठ पर्व के मद्देनजर पटना में गंगा घाट पर चेंजिंग रूम, अस्थाई शौचालय सहित सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। छठ घाटों पर वाहनों को ले जाने की अनुमति नहीं है। पटना के दानापुर से पटना सिटी तक गंगा के घाटों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा सुरक्षा बलों व गोताखोरों की तैनाती की गई है। उत्तर प्रदेश में भी यह पर्व मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में बिहार के नागरिक रहते हैं।
















