-चुनाव में 119 मतदान केंद्र और 507 मतदेय स्थलों पर मतदाताओं ने डाले वोट
-4,61,664 मतदाताओं में 1.57 लाख ही मतदाताओं ने डाला वोट
गाजियाबाद। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट हुए उपचुनाव में बुधवार को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए और पैरामिलिट्री फोर्स-पुलिस और पीएसी की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान के चलते शुरुआत में पोलिंग बूथों पर मतदान की गति धीमी रहीं। सुबह 9 बजे के बाद मतदान में तेजी आई। मतदाताओं की पोलिंग केंद्रों पर भीड़ लगने लगी। लाइन में लगकर मतदाताओं ने वोट डाला। शाम 5 बजे तक उत्साह के साथ युवाओं, महिलाओं व पुरूषों और बुजुर्गों ने अपना-अपना वोट डाला। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर शाम 5 बजे तक कुल 33.30 प्रतिशत ही मतदान हो पाया। हालांकि मतदान का प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद हैं। मगर इस बार उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत घट गया। जबकि वर्ष-2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान गाजियाबाद सदर सीट पर 51.60 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिला प्रशासन की ओर से मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप कार्यक्रम समेत जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। मगर मतदान के दिन बुधवार को यह अभियान धराशायी हो गए।
मतदान के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से 119 मतदान केंद्र और 507 बूथ बनाए गए थे। मॉडल बूथ से लेकर पिंक बूथ और दिव्यांग बूथ बनाए गए थे। कुल मिलाकर विधानसभा उपचुनाव में किस्मत आजमा रहे 14 दिग्गज प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। बुधवार को सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान सुबह 9 बजे तक 5.36 प्रतिशत रहा। जबकि सुबह 11 बजे तक 12.87 प्रतिशत,1 बजे तक 20.92 प्रतिशत और 3 बजे तक 27.36 प्रतिशत मतदान हो पाया। शाम 5 बजे तक कुल 33.30 प्रतिशत मतदान विधानसभा सीट पर हो पाया। ऐसे में 4,61,664 मतदाताओं में करीब 1.57 लाख मतदाता ही अपना वोट डाल पाए। यानि कि आधे से भी कम मतदाता ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाए। विधानसभा उपचुनाव के लिए पुलिस फोर्स के साथ अर्द्धसैनिक बल की 9 कंपनियोंं को तैनात किया गया था। चुनाव के दौरान लगभग 1000 सिपाही, 800 होमगार्ड, 200 दारोगा, दो डीसीपी, तीन एडीसीपी, चार एसीपी, छह थाना प्रभारी, चार इंस्पेक्टर तैनात रहे। इसके साथ ही 9 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और पीएसी के जवान विभिन्न मतदान केंद्रों पर तैनात रहे।
ईवीएम में कैद हुआ 14 दिग्गज प्रत्याशियों का भाग्य
गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के चलते बुधवार को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीट पर चुनाव लड़ रहे 14 दिग्गज प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। मतदान को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। विधानसभा उपचुनाव में 14 दिग्गज प्रत्याशी मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 4,61,664 मतदाता को करना था। मगर इनमें से करीब 1.57 लाख यानि कि आधे से भी कम मतदाता ही वोट डाल पाए।
जिला प्रशासन के लिए इस बार वोट प्रतिशत बढ़ाने की सबसे बड़ी चुनौती दिख रही थी। ऐसे में वहीं हुआ। मतदान प्रतिशत घट गया। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अवकाश भी घोषित किया था। मतदान को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स, पीएसी व पुलिसकर्मी मतदान केंद्रों पर तैनात किए गए थे। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए 14 दिग्गज प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। पिछले 15 दिन से यह प्रत्याशी लगातार अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए चुनाव प्रचार में ताकत झोंक रहे थे। मगर मतदान प्रतिशत कम होने से 14 प्रत्याशियों में 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने की पूरी संभावना हैं।
उपचुनाव में यह 14 प्रत्याशी:
इनमें भाजपा से संजीव शर्मा,सपा से सिंहराज जाटव,बसपा से परमानंद गर्ग,एआईएमआईएम से रवि गौतम,आजाद समाज पार्टी से सत्यपाल चौधरी, हिंदुस्थान निर्माण दल से पूनम चौधरी, राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी(सत्य)से धर्मेंद्र सिंह,सम्राट मिहिर भोज समाज पार्टी से पवन, राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस पार्टी से गयादीन अहिरवाल, सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी से रवि कुमार पांचाल और निर्दलीय प्रत्याशी विनय कुमार शर्मा, मिथुन जायसवाल,रूपेश चंद, शमशेर राणा भी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इन सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। इनके भाग्य का फैसला आगामी 23 नवंबर शनिवार को होने वाली मतगणना में होगा।




















