पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में बैंक लाभार्थियों को प्राथमिकता पर दें लोन: डीएम

विद्युत विभाग के अधिकारी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में ना बरतें लापरवाही

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस योजना में लापरवाही न बरते। उन्होंने बैंकों के प्रबंधकों को भी निर्देश दिए कि लाभार्थियों को बैंक प्राथमिकता के आधार पर लोन दें। गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समिति के साथ बैठक की।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर अशोक सुंदरम,अधिशासी अभियंता,नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी,लीड बैंक मैनेजर बुद्धराम समेत विभिन्न बैंकों के प्रबंधक,यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में समीक्षा करते हुए पंजीकृत वेंडरों,बैंक प्रबंधक,विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसका लाभ जनपद में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक बुद्धराम को निर्देशित किया कि योजना का लाभ लेने वाले आवेदकों के लोन के आवेदनों पर बैंकों के माध्यम से यथाशीघ्र ऋण उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार से विलंब न किया जाए। बैठक में उपस्थित वेंडरों ने योजना को जनपद में क्रियान्वित कराने के लिए इसमें आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया। जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वेंडरों की समस्याओं का जल्द निस्तारण कराया जाए,ताकि जनपद में अधिक से अधिक लोग पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित हो सकें। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने नेट मीटर के संबंध में आने वाली समस्या का निस्तारण एक सफ्ताह में कराने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना से संबंधित विद्युत विभाग की प्रगति रिपोर्ट यूपी नेडा अधिकारी प्रत्येक सफ्ताह के अंतिम कार्यदिवस शुक्रवार या शनिवार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। विद्युत विभाग के अधिकारी योजना की रिपोर्टिंग एवं कार्य के लिए एक सेल का गठन करें। इसमें विद्युत विभाग के किसी अधिकारी व कर्मचारी द्वारा कार्य में लापरवाही एवं ढि़लाई बरती गई तो उसे मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना मानते हुए विभाग के उच्च अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जाएगा।