आवेदन के 5 लाख रुपये के लोन को मिली स्वीकृत, जिलाधिकारी की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही से महिला का खिला चेहरा
गाजियाबाद। बैंकों से विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदकों द्वारा लिए जाने वाले लोन के आवेदन निरस्त करने का बैंकों को पूर्ण विवरण देना होगा। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने विभिन्न बैंकों के अधिकारियों को यह दिशा-निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक बुद्धराम एवं बैंकों के प्रबंधक, जिला समन्वयक के साथ ऋण योजना एवं मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद योजना की समीक्षा बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने बैंकर्स द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति होने तथा अधिक संख्या में आवेदनों को निरस्त किए जाने पर असंतोष प्रकट किया। जिलाधिकारी लाभार्थियों के आवेदन निरस्त किए जाने और बैंकों की कार्रवाई के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वह प्रत्येक आवेदन पत्र पर संबंधित आवेदक से स्वयं समन्वय स्थापित करते हुए आवेदनों के निस्तारण अथवा कोई आवेदन जिसमें ऋण प्रदान किया जाना संभव नहीं है। उसे कारण सहित आवेदक को अवगत कराते हुए कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने बैंकवार अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि आवेदन प्राप्त होने के तीन कार्यदिवस के अंदर आवेदन पत्रों पर नियमानुसार कार्रवाई करें। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों को बैकों के प्रेषित किए गए आवेदनों की निरंतर समीक्षा कर उनका निस्तारण कराने के निर्देश दिए। बैठक में लोन लेने वाले आवेदक भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के समक्ष बैकों में लंबित आवेदन पत्र की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने आवेदकों की बात सुनने के बाद पूजा त्यागी का एसबीआई बैंक शाखा में लंबित आवेदन पत्र पर एसबीआई के बैंक प्रबंधक को निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक में कागजों की जांच कर बैंक ने 5 लाख रुपए का लोन तत्काल स्वीकृत कर दिया। जिलाधिकारी की त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई से लोन लेने वाली महिला का चेहरा खिल उठा। अन्य आवेदकों के भी आवेदन बैंकों से कार्रवाई करते हुए एक सफ्ताह के अंदर स्वीकृत या अस्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी आवेदन अस्वीकृत किया जाता है, तो उसका पूर्ण विवरण दिया जाए और बताया जाए कि आवेदन को कैसे अस्वीकृत किया गया।
















