रियल स्टेट को लेकर बजट में बड़ा ऐलान: प्रदीप गुप्ता

गाजियाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को मोदी 3.0 का पहला बजट पेश कर दिया। हर बार की तरह इस बार के बजट से भी रियल एस्टेट सेक्टर को सरकार से काफी उम्मीदें थी। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रियल एस्टेट पर बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने प्रॉपर्टी एलटीसीजी पर लगने वाले इंडेक्सेशन को खत्म कर दिया है। व्यापारी एकता समिति संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा पहले रियल एस्टेट एवं गोल्ड पर 20 फीसदी का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता था लेकिन इसके साथ में इंडेक्सेशन की छूट मिलती थी। अब 20 फीसदी की बजाय 12.5 फीसदी का एलटीसीजी लगेगा लेकिन इंडेक्सेशन की छूट नहीं मिलेगी। आसान भाषा में बताया है। अगर कोई घर आपने कुछ सालों पहले 10 लाख रुपये का खरीदा है और अब उसकी मार्केट कीमत 1 करोड़ रुपये हो गई है, तो उस पर टैक्स 90 लाख रुपये पर लगेगा। लेकिन पहले ये इंडेक्सेशन के तहत आपके घर की कीमत 30 लाख रुपये हो जाती है, तब टैक्स की देनदारी, 70 लाख रुपये पर होती थी।

पहले एलटीसीजी के तहत 20 फीसदी टैक्स की देनदारी बनती थी, लेकिन अब 12.5 फीसदी हो गई है। प्रदीप गुप्ता ने बताया कि अब सरकार के इस फैसले के बाद आम लोगों को टैक्स में समस्या हो सकता है। उनके देनदारी भी अब ज्यादा बनेगी रियल एस्टेट सेक्टर को इस बार सरकार से बहुत ज्यादा उम्मीदें थी, मसलन जीएसटी के नियमों में बदलाव, होम लोन पर ब्याज दर में छूट, रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देना लेकिन फिलहाल इन सब मुद्दों पर कोई राहत नहीं मिल पाई है। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में 3 करोड़ अतिरिक्त घर पीएम आवास योजना के तहत बनाए जाने का ऐलान जरूर किया है। शहरों में आवास योजना के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। इंडेक्सेशन का मतलब है किसी कीमत, मजदूरी या दूसरी अन्य मूल्य को किसी अन्य कीमत या कीमतों के कंपोजिट इंडिकेटर्स में बदलाव के आधार पर एडजस्ट करना। इंडेक्सेशन का इस्तेमाल करते समय के साथ महंगाई, कॉस्ट ऑफ लिविंग की लागत या इनपुट कीमतों के प्रभावों को एडजस्ट किया जा सकता है। यह अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में अलग-अलग कीमतों और लागतों के लिए एडजस्ट किया जा सकता है।