हरनंदीपुरम टाउनशिप विकसित करने को बाउंड्रीवाल निर्धारित: उपाध्यक्ष

-बाउंड्रीवाल के अंदर योजना के लिए आने वाली जमीनों के गाटा, खसरा-खतौनी और किसानों की बनेगी सूची

गाजियाबाद। हरनंदीपुरम नई टाउनशिप को लेकर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) तेजी के साथ काम करने में जुटा है। जीडीए की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम नई टाउनशिप को विकसित करने के लिए राजनगर एक्सटेंशन और पाइपलाइन मार्ग तक बाउंड्रीवाल का निर्धारण हो गया है। नई टाउनशिप में जमीन व अन्य का कोई विवाद नहीं है। मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने अपने दफ्तर में हरनंदीपुरम योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह,अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, सीएटीपी अरविंद कुमार, ओएसडी अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें नई टाउनशिप हरनंदीपुरम को विकसित करने के लिए बाउंड्रीवाल का निर्धारण कर लिया गया। इसी बाउंड्रीवाल के अंदर योजना के लिए आने वाली जमीनों के गाटा, खसरा-खतौनी और किसानों की सूची बनाई जाएगी। इसके साथ ही योजना का क्षेत्रफल भी तय होगा।

जीडीए द्वारा यह कार्य किए जाने के बाद फिर एक सफ्ताह के भीतर यह रिपोर्ट प्रदेश शासन को भेजी जाएगी। प्रदेश शासन से इसको मंजूरी मिलने के बाद नई टाउनशिप हरनंदीपुरम को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। जीडीए राजनगर एक्सटेंशन और पाइपलाइन मार्ग के पास यह नई हरनंदीपुरम टाउनशिप को विकसित करने में जुटा है। इसके लिए चिन्हित क्षेत्र का रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे सेटेलाइट और ड्रोन के जरिए हो रहा है। जीडीए ने अब नई टाउनशिप को विकसित करने के लिए बाउंड्रीवाल चिन्हित कर ली है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स का कहना है कि टाउनशिप की बाउंड्रीवाल के भीतर किसानों से ली जाने वाली जमीन को लेकर कोई विवाद नहीं है। हालांकि विद्युुत वितरण निगम का एक सब स्टेशन है। इस सब स्टेशन के तार चारों तरफ फैले हैं। लेकिन इसे टाउनशिप के अंदर ही लिया जाएगा और उसके आसपास पार्क विकसित करेंगे।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों को दो दिन के भीतर किसानों की सूची, भूमि की खसरा-खतौनी और गाटा तैयार कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए गए है। इस रिपोर्ट के आधार पर टाउनशिप का सही क्षेत्रफल निकल जाएगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत शासन को भेजी जाएगी, ताकि यह योजना को आगे बढ़ाया जा सकें। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि शासन की मंजूरी मिलने के बाद टाउनशिप के लिए जमीन की दर का निर्धारण किया जाएगा। मुख्य रूप से भूमि को आपसी समझौते के तहत लिया जाएगा। किसानों के साथ सहमति बनाकर भी जमीन ली जा सकती है। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि टाउनशिप के भीतर एक विद्युत निगम का सब स्टेशन है, इसके विद्युत तार करीब 30 हेक्टेयर में फैले हुए हैं। ऐसे में जीडीए इस पूरी जमीन पर पार्क विकसित करेगा,ताकि यहां भविष्य में भी अवैध निर्माण न हो सकें। साथ ही लोगों को हरियाली मिल सके।

जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि हरनंदीपुरम योजना की सर्वे शीट में कब्रिस्तान व श्मशान भी दर्शाएं जाएंगे। ताकि भूमि अधिग्रहण के बाद जब इसे विकसित किया जाए, तो विकसित करने के दौरान पूरी जानकारी हो सके। साथ ही उसी आधार पर योजना में भूखंड काटे जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक जलाशय, तालाब, पोखर आदि को ही दर्शाया जाता था। इस योजना की परिधि का क्षेत्रफल सुनिश्चित होने से इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाए जाने और निविदा एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही नियोजन अनुभाग को निर्देशित किया कि महायोजना-2031 के दृष्टिगत नई हरनंदीपुरम योजना पर संक्षिप्त टिप्पणी तैयार कर ली जाए। इसमें ग्रीन बेल्ट व कृषि भू-उपयोग है,इसका ध्यान रखा जाए कि रिक्रिशनल भूमि का कैसे उपयोग हो सकता है। कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन कराने के लिए आगामी जीडीए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी रखा जाए। इसके साथ नई टाउनशिप में कनेक्टिविटी के लिए उपलब्ध और चिन्हित मार्गों समेत अन्य सुविधाओं को भी महायोजना-2031 में शामिल किया जाए।