दशमोत्तर छात्रवृत्ति प्रक्रिया में लापरवाही पर सीडीओ अभिनव गोपाल ने बरती सख्ती

-मास्टर डाटाबेस समय पर लॉक न करने वाले संस्थानों को दो दिन की अंतिम चेतावनी
-28 संस्थानों ने डिजिटली लॉक नहीं किया, 104 ने एफिलियेटिंग एजेंसी स्तर पर मास्टर डाटा लॉक नहीं कराया
-डेटा लॉक के बावजूद आवेदन अग्रसारित न करने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई होगी
-छात्रवृत्ति योजना की महत्वता को देखते हुए किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में शैक्षणिक संस्थानों की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने वाले संस्थानों पर अब किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। मास्टर डाटाबेस को समय पर डिजिटली लॉक न करने वाले संस्थानों को आगामी दो दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी, अन्यथा उनके खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्यवाही की जाएगी। बैठक में खुलासा हुआ कि जनपद गाजियाबाद के 28 उच्च शिक्षण संस्थानों ने अब तक अपना छात्रवृत्ति मास्टर डाटाबेस डिजिटली लॉक नहीं किया है, जबकि 104 शिक्षण संस्थानों ने संबंधित एफिलियेटिंग एजेंसी के स्तर पर मास्टर डाटाबेस लॉक ही नहीं कराया है। इस गंभीर लापरवाही के कारण हजारों छात्रों की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया बाधित हो गई है। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते डेटा लॉक नहीं किया गया तो अनेक छात्र इस योजना से वंचित रह सकते हैं।

सीडीओ ने यह भी बताया कि कई ऐसे संस्थान हैं जिनका मास्टर डाटा तो लॉक है, लेकिन वे अपने स्तर से छात्रों के आवेदनों को अग्रसारित (फॉरवर्ड) नहीं कर रहे हैं। यह भी छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित करने वाली गंभीर लापरवाही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के नाम प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाएंगे। साथ ही, नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों को ब्लैकलिस्ट कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल अपनी एफिलियेटिंग एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर मास्टर डाटा लॉक कराएं।

वहीं, जिन संस्थानों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, वे अपनी लॉगिन आईडी पर लंबित सभी छात्रवृत्ति आवेदनों को अगले दो दिनों में अग्रसारित करना सुनिश्चित करें। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि छात्रवृत्ति योजना सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है और इसमें किसी भी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी इस चेतावनी के बाद जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में हड़कंप मच गया है और संस्थान अब तेजी से प्रक्रिया पूरी करने में जुट गए हैं।