सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की नीतियां ला रही रंग, 134 प्रतिशत अधिक में बिके भूखंड

-यमुना प्राधिकरण ने कारपोरेट आफिस के लिए 45 भूखंडों की नीलामी की
-भूखंडों की नीलामी 265.14 करोड़ मिले, भविष्य की योजनाओं में निवेश होगा पैसा

विजय मिश्रा
ग्रेटर नोएडा। सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह की नीतियों के चलते यमुना प्राधिकरण नित नये रिकार्ड बना रहा है। कॉरपोरेट के आफिस के लिए एक-एक हजार वर्ग मीटर के भूखंडों में 134 प्रतिशत अधिक पैसा मिला है। इन आफिसों के बनने से इस इलाके में पांच हजार लोगों को रोजगार मिल कसेगा। साथ ही 500 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह प्राधिकरण हित को लेकर लगातार काम करते रहते हैं। प्राधिकरण की आमदनी बढ़ाने, सेक्टर के विकास और बड़ी परियोजनाओं को लेकर वह लगातार प्रयास करते रहते हैं। उनके ये प्रयास रंग ला रहे हैं। प्राधिकरण ने कारपोरेट आफिस के लिए 45 भूखंडों की नीलामी की। यह नीलामी 17 जुलाई से 17 सितंबर तक चली। ये सभी भूखंड एक-एक हजार वर्ग मीटर के हैं। प्रत्येक भूखंड का रिजर्व प्राइस 2.5 करोड़ रुपये था। इस लिहाज से सभी भूखंडों का रिजर्व प्राइस 112.5 0 करोड़ था। प्राधिकरण की इस योजना को हाथोहाथ लिया गया। इन भूखंडों की नीलामी 265.14 करोड रुपए में हुई। यानी यमुना प्राधिकरण को 134 प्रतिशत यानी 152 करोड़ रुपए अधिक मिले हैं।

नीलामी प्रक्रिया 17 सितंबर तक चली। नीलामी के दौरान तीन भूखंड पर विशेष रूप से उच्चतम बोली लगाई गई। चैलेंजर कंप्यूटर लिमिटेड ने 28.28 करोड़ रुपये, एलेक्सिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ने 26.64 करोड़ रुपये और सनास इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड में 25.84 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर भूखंड अपने नाम किया। इन भूखंडों की बिडिंग 12 गुना अधिक कीमत पर हुई है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह ने कहा-इस नीलामी से प्राप्त राजस्व को भविष्य की योजनाओं में निवेश किया जाएगा। प्राधिकरण के विकास को और गति मिलेगी। इन भूखंडों के बिकने से 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। जबकि 500 करोड़ रुपए का निवेश होगा।