विभागीय लापरवाही से हुई दुर्घटना पर सीधे तय होगी जिम्मेदारी: रविंद्र कुमार मॉंदड़

-सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त अल्टीमेटम, लापरवाही पर तय होगी विभागीय जवाबदेही
-महात्मा गांधी सभागार में समीक्षा बैठक, 83 गड्ढा स्थलों पर शीघ्र मरम्मत के निर्देश
-निर्माणाधीन मॉल, खुले गड्ढे व क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की पहचान कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के आदेश
-गुणवत्तापूर्ण कार्य, नियमित निगरानी और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में दुर्घटनाओं की संभावना को न्यून करने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़कों की वर्तमान स्थिति, गड्ढा मुक्ति अभियान, दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान तथा लंबित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। हाल ही में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में जलभराव के कारण हुई मृत्यु की घटना के दृष्टिगत जनपद में निर्माणाधीन मॉल, बहुमंजिला इमारतों, सड़कों पर खुले गड्ढों, तालाबों, सीवर, क्षतिग्रस्त डिवाइडरों, पुलों तथा अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश पूर्व में दिए गए थे। उसी क्रम में प्रगति की समीक्षा हेतु यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद की अधिकांश सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया गया है, जबकि 83 स्थान अभी चिन्हित हैं जहां मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा।
कई स्थानों पर निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा शेष स्थानों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। चिन्हित स्थानों में लोक निर्माण विभाग के 20, नगर निगम गाजियाबाद के 26, यूपीसीडा के 5, नगर पालिकाओं के 26, आवास विकास के 1 तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के 5 स्थान शामिल हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने सभी विभागों को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी सड़क पर विभागीय लापरवाही के कारण दुर्घटना होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित स्थलों का पुन: चिन्हांकन करें और वहां पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें। साथ ही सभी चिन्हित स्थानों पर गुणवत्तापूर्ण कार्य, नियमित निगरानी और प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। जनता से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में एडीएम सिटी विकास कश्यप सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने समन्वित प्रयासों के साथ जनपद को गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बनाने का आश्वासन दिया।