मुख्यमंत्री डैशबोर्ड: पेंडिंग आवेदनों की वजह से खराब है रैंकिंग: इन्द्र विक्रम सिंह

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (राजस्व एवं विकास कार्य संबंधित) एवं सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली परियोजनाओं के पेंडिंग आवेदनों की वजह से जिले की रैंकिंग खराब हो रही है। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेंडिंग आवेदनों का समय से निस्तारण किया जाए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह,एसडीएम लोनी राजेन्द्र कुमार,जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव आदि अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका से संबंधित कार्यों एवं सीएमआईएस पोर्टल पर परियोजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर आपको दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष अपलोड किए गए कार्यों  की निगरानी का प्रतिशत और रैंकिंग तय की जाती है। जिसमें प्रत्येक परियोजना में दिए गए लक्ष्य के अनुसार आपके कार्य का प्रतिशत तय करते हुए 10 में से अंक प्राप्त होते हैं। इन अंकों के अनुसार रैंकिंग, ग्रेडिंग ए+,ए,बी,सी,डी और ई निर्धारित होती है।

प्रत्येक माह के अंत में जिले की सभी परियोजना में मिले प्राप्तांक का कुल प्रतिशत निकाला जाता है और उसके बाद सभी जनपदों के प्रतिशत के अनुसार उनकी रैंकिंग निर्धारित होती है। जिलाधिकारी ने समय के अनुरूप सी,डी और ई रैंक लाने वाले विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए खराब रैंकिंग आने का कारण स्पष्ट किया। जिन विभाग के अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया,उन्हें लिखित में नोटिस भेजते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के अधिकारी अपने कार्यों के प्रति सजग रहे,यदि किसी विभाग द्वारा कार्य के प्रति असंवेदनशीलता दिखाई और उनकी वजह से जनपद की खराब रैंकिंग आई तो उक्त अधिकारी के खिलाफ  मुख्यमंत्री के आदेशों एवं दिशा-निर्देश के क्रम में लापरवाही बरतने के लिए सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिन विभागों की अच्छी रैंक आई है,उन्हें साधुवाद देता हूं। वह यह सोचकर निश्चित ना हो जाए कि आगे उन्हें मेहनत नहीं करनी पड़ेंगी। भविष्य में अच्छी रैंकिंग के लिए निरंतर क्रियाशील रहना है। डैसबोर्ड पर पेंडिंग कार्यों,आवेदनों के कारण रैंकिंग खराब हो रही है। इसलिए समय अंतराल में आवेदनों को नियमानुसार स्वीकृत व अस्वीकृत करें एवं कार्यों को पूणज़् करें। उन्होने रैंकिंग सुधार के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए। अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई के लिए तैयार रहे।