मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करेंगे बसंतपुर गुफा मंदिर का भव्य उद्घाटन, पुलिस-प्रशासन ने पूरी की तैयारियां -पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गुरूवार को मुरादनगर क्षेत्र के बसंतपुर-सैंतली, दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित भगवान पाश्र्वनाथ जन्म कल्याणम् एवं नवनिर्मित गुफा मंदिर का भव्य लोकार्पण करेंगे। यह आयोजन धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक गणमान्य अतिथियों के कार्यक्रम में सम्मिलित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर बुधवार को पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी मसूरी लिपि नगायच समेत अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही के सभी पहलुओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। तीर्थ धाम परिसर में 100 दिन के अंदर गुफा मंदिर का निर्माण कराया गया है।

इसी के तहत 26 से 30 नवंबर तक भगवान पाश्र्वनाथ जन्म कल्याणक के पंच दिवसीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। गुरूवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और 108 प्रसन्नसागर जी महाराज मंदिर का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उत्साहजनक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा और व्यवस्था के सभी पहलुओं का जायजा लिया। एनएसजी और फील्ड यूनिट टीम ने स्थल पर रिहर्सल की। आईटीएस डेंटल कॉलेज परिसर में हैलीपैड बनाया गया है, जहां से मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल तक कार का$िफले द्वारा जाएंगे। कार्यक्रम स्थल पर आने वाले वाहनों का आवागमन मुख्यमंत्री आगमन से दस मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा।

पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, अग्नि सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा मंच व्यवस्था समय से पूरी की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि आयोजन पूरी गरिमा और सौहार्द के साथ संपन्न हो। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतिम निरीक्षण कर सभी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बलों, आयोजन समिति और स्थानीय कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर किसी भी तरह की कोई कमी न रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक छवि को भी ऊँचा उठाएगा।