गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम का महा अभियान सफल, प्रदूषण का स्तर घटा

-नगर आयुक्त के निर्देशन में सभी विभागों की संयुक्त मेहनत रंग ला रही है, एनसीआर में ग्रेड 3 हटाकर शहर की हवा हुई स्वच्छ

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद द्वारा शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे महा अभियान ने सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में शहर के सभी विभाग-निर्माण, उद्यान, स्वास्थ्य और जलकल रात-दिन एकजुट होकर शहरवासियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। नगर निगम ने महा अभियान के तहत शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त कर और धूल निवारण के लिए लगातार पानी का छिड़काव कर वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। निर्माण विभाग सड़कों की मरम्मत और गड्ढा-निवारण में सक्रिय है, वहीं उद्यान विभाग ग्रीन बेल्ट, पार्क और सेंट्रल वर्ज में पानी का छिड़काव कर धूल को नियंत्रित कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग भी पूरे समय पानी का छिड़काव करते हुए शहरवासियों के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में योगदान दे रहे हैं। नगर निगम के प्रयासों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। एनसीआर में गाजियाबाद का एयर क्वालिटी ग्रेड 3 (ग्रेप 3) हटाया गया है, और एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से घटकर 329 तक पहुँच गया है। यह सुधार शहरवासियों के लिए राहत और नगर निगम की लगातार मेहनत का प्रमाण है।

अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार ने बताया कि महा अभियान प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 12 बजे तक चलता है। अभियान के दौरान एंटी-स्मोक गण और वॉटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल कर शहर की मुख्य सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा नगर निगम ने कूड़ा जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है और सी एंड डी वेस्ट को भी सड़कों से हटाया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि महा अभियान को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने आवास विकास और अन्य विभागों को भी प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। नगर आयुक्त ने शहरवासियों से भी अपील की कि वे इस अभियान में सहयोग करें और प्रदूषण रोकने के लिए अपने स्तर पर सतर्कता बरतें। नगर निगम का महा अभियान केवल प्रदूषण कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बन रहा है।

नगर आयुक्त ने कहा कि अगर सभी विभाग और नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो गाजियाबाद जल्द ही एक स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त शहर के रूप में विकसित हो सकता है। नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में निर्माण विभाग सड़कों को गड्ढा मुक्त कर रहा है, उद्यान विभाग पेड़-पौधों और ग्रीन बेल्ट की देखभाल कर रहा है, स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग पानी छिड़काव में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही नगर निगम ने कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई कर सड़कों को स्वच्छ बनाया है। नगर आयुक्त ने कहा कि महा अभियान का उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना नहीं बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना और उन्हें स्वच्छ हवा के महत्व के प्रति सचेत करना भी है। नगर निगम का लक्ष्य है कि गाजियाबाद शहर में वायु प्रदूषण का स्तर न्यूनतम हो और नागरिक स्वस्थ जीवन जी सकें। नगर निगम के इस महा अभियान से शहरवासियों को राहत मिली है, और इसका सकारात्मक असर सभी क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी मेहनत और सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि इस अभियान को अनिश्चित काल तक जारी रखा जाएगा।

विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त

गाजियाबाद नगर निगम शहर में वायु गुणवत्ता सुधार और प्रदूषण नियंत्रण के लिए महा अभियान चला रहा है। सभी विभाग – निर्माण, उद्यान, स्वास्थ्य और जलकल एक साथ मिलकर प्रतिदिन सड़कों और सार्वजनिक क्षेत्रों में पानी का छिड़काव कर रहे हैं, कूड़ा-कचरे का निपटान कर रहे हैं और धूल-मुक्त वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिले और वायु प्रदूषण का स्तर लगातार कम हो। नगर निगम की टीम लगातार मैदान में काम कर रही है, और प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा है। साथ ही नागरिकों से भी अपील हैं कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें, कूड़ा जलाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि गाजियाबाद को प्रदूषण मुक्त और हरा-भरा बनाएं।
विक्रमादित्य सिंह मलिक
नगर आयुक्त