महिला दिवस पर पासपोर्ट कार्यालय में ‘शिशु देखभाल कक्ष’ की शुरुआत, महिला कार्मिकों को मिला सम्मान

-मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. रेनूका जैन गुप्ता ने किया उद्घाटन, महिला कर्मचारियों के योगदान की सराहना
-महिला आवेदकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नई पहल, कार्यस्थल को और अधिक अनुकूल बनाने पर जोर
-महिला भागीदारी 20 प्रतिशत से अधिक, पासपोर्ट कार्यालय ने संवेदनशील कार्य वातावरण का दिया संदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को रेखांकित किया गया। इस अवसर पर कार्यालय परिसर में महिला आवेदकों और महिला कर्मचारियों की सुविधा के लिए  ‘शिशु देखभाल कक्ष’ की शुरुआत की गई। इस कक्ष का उद्घाटन आयकर विभाग, गाजियाबाद की मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. रेनूका जैन गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालय की महिला कार्मिकों को उनके उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल महिला दिवस का उत्सव मनाना ही नहीं था, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए बेहतर और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी था। उद्घाटन के दौरान डॉ. रेनूका जैन गुप्ता ने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने महिला कर्मचारियों के कार्य और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं और प्रशासनिक तथा सेवा क्षेत्रों में भी उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करना हर संस्थान की जिम्मेदारी है। शिशु देखभाल कक्ष जैसी सुविधा महिलाओं को अपने पारिवारिक दायित्वों और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद करती है। उन्होंने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप ने बताया कि विदेश मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद महिला कर्मचारियों और महिला आवेदकों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिशु देखभाल कक्ष की स्थापना इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे महिला कर्मचारियों और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिला आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी। अनुज स्वरूप ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कार्यालय में महिला कर्मचारियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में कार्यालय के कुल कर्मचारियों में महिला कर्मचारियों की संख्या 20 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, जो कार्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि महिलाएं अब प्रशासनिक और सेवा क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रही हैं।

इस अवसर पर कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कार्यालय में उन्हें हमेशा सहयोगपूर्ण और सकारात्मक कार्य वातावरण मिला है, जिससे उन्हें अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ करने में मदद मिलती है। महिला कर्मचारियों ने यह भी कहा कि ऐसी पहलें महिलाओं को और अधिक प्रेरित करती हैं तथा कार्यस्थल पर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। कार्यक्रम के दौरान महिला कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने न केवल उनकी मेहनत को पहचान दी, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला दिवस के महत्व पर विचार साझा किए और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि महिलाओं के सम्मान, उनके योगदान की सराहना और उनके लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाने के संकल्प का प्रतीक भी था। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद की यह पहल यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थान भी अब महिलाओं की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके लिए सुविधाजनक और संवेदनशील वातावरण बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।