कमिश्नर की चीनी मिल मालिकों को चेतावनी

गन्ना किसानों को प्राथमिकता पर भुगतान के निर्देश

लखनऊ। मेरठ मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने बुधवार को आयुक्त सभागार में गन्ना मूल्य भुगतान की मंडलीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता पर कराया जाए। गन्ना भुगतान की धनराशि किसानो की है, इसलिए कोई भी चीनी मिल चीनी बिक्री व अन्य मदों से प्राप्त धनराशि का डायवर्जन न करें। यह स्वीकार्य नहीं होगा। आयुक्त मेश्राम ने कहा कि चीनी मिलें अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित हों। उन्होंने गन्ना समितियों के बकाया भुगतान कराने व गन्ने के अवशेष पत्तियों को न जलाया जाए, यह सुनिश्चित करने को कहा। आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने एक-एक कर सभी चीनी मिलों के प्रबंधकों से गत पेराई सत्र व वर्तमान पेराई सत्र में गन्ना मूल्य के लंबित भुगतानों की जानकारी ली तथा सभी चीनी मिल प्रबंधकों को निर्देशित किया वह सर्वोच्च प्राथमिकता पर गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य के भुगतान के रूप में चीनी की बिक्री एक वैकल्पिक रूप में किसानों को करने हेतु चीनी मिल परिसर के अंदर बिक्री केंद्र (सेल पाइंट) बनाया जाए तथा उसका प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि किसान गन्ने के अवशेष न जलाएं। इसके लिए फार्म मशीनरी बैंक स्थापित है। जहां से किसान मल्चर आदि मशीनें किराए पर उपयोग के लिए ले जाते हैं। इन मशीनों से किसानों को फायदा है। उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2019-20 में मंडल की 16 चीनी मिलों द्वारा 2 फरवरी 2021 तक 91.01 प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। जनपद मेरठ की किनौनी शुगर मिल द्वारा इस अवधि तक 94.76 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। शेष पांचों मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान गत पेराई सत्र का कर दिया है। किनौनी शुगर मिल को सप्ताहभर में गत पेराई सत्र का अवशेष का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर प्रधान प्रबंधक रमाला चीनी मिल डॉ. आर.वी. राम, जीएम दौराला संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।