डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों पर कंट्रोल रूम की नजर

-कूड़े की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने किया टेक्नोलॉजी का प्रयोग
-कूड़ा कलेक्शन वाहनों के ड्राइवर-हेल्पर का होगा ड्रेस कोड: विक्रमादित्य सिंह मलिक

गाजियाबाद। स्वच्छता अभियान के तहत शहर को स्वच्छ बनाने की कवायद के क्रम में अब कचरा कलेक्शन करने वाले वाहनों की जीपीएस से मॉनिटरिंग की जा रही है। नगर निगम ने अपने गाडिय़ों में जीपीएस सिस्टम लगा दिया है और उसे कंट्रोल रूम से अटैच कर दिया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले गाडिय़ों में जीपीएस सिस्टम के जरिए ‘व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टमÓ को एक्टिव किया गया है। इसे कंट्रोल रूम से अटैच कर दिया गया। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से लगातार कई वार्डों से नगर निगम को शिकायत मिल रही थी कि कई घरों से कूड़ा कलेक्ट नहीं किया जा रहा है। अब इसी समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की जीपीएस से मॉनिटरिंग की जा रही है। शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर आयुक्त की यह पहल सार्थक होती नजर आ रही है। डोर टू डोर कचरा उठाने वाले वाहनों में लगे जीपीएस के माध्यम से जानकारी मिलनी शुरू हो गई है। कौन सा वाहन किस जगह पर किस समय पहुंचा, इसकी भी पूरी जानकारी मिल रही है। इसके साथ ही कूड़ा कलेक्शन वाहनों में ड्यूटी कर रहे ड्राइवर और हेल्पर का अब ड्रेस कोड होगा। जिससे उनकी भी पहचान की जा सकेंगी।

शुक्रवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह के साथ नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में बनाए गए कंट्रोल रूम सेंटर का औचक निरीक्षण किया। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाले वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग को देखा। नगर आयुक्त ने व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम के लिए किया जा रहे कार्यों को मौके पर देखते हुए टीम के साथ वार्ता कर बेहतर और स्मार्ट वर्किंग के लिए मोटिवेट किया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों में लगे हुए जीपीएस सिस्टम सही प्रकार से कार्य करें उनकी सही लोकेशन और सही समय का प्रतिदिन चार्ट तैयार करने के टीम को निर्देश दिए। इसके साथ ही वाहन चालकों पर भी पूरी नजर विभाग द्वारा बनाई जाए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश को निर्देश दिए कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन की वर्किंग को भी स्मार्ट बनाया जाए। वाहनों पर कार्य करने वाले ड्राइवर एवं हेल्पर के लिए भी ड्रेस कोड की व्यवस्था के लिए भी कहा। नगर आयुक्त के नेतृत्व में जनहित में बेहतर कार्य कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयास कर कार्य शैली में भी निरंतर बदलाव किया जा रहा है। जिसमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की मॉनिटरिंग प्रबल होती दिखाई दे रही है। नियमित कूड़े का उठान हो रहा है, प्रतिदिन लगभग 1600 टन कूड़े का उठान नगर निगम शहर से कर रहा है। 600 से अधिक पांचो जोन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन वाहन कार्य कर रहे है। वाहनों पर कार्य करने वाले ड्राइवर और हेल्पर के लिए भी नगर आयुक्त के निर्देश अनुसार ड्रेस कोड की व्यवस्था की गई है। अब नगर निगम के वाहनों पर ड्राइवर और हेल्पर भी ड्रेस में दिखाई देंगे। ताकि कार्य करने वाली टीम की अलग से पहचान हो सकें।

गीला कचरा एवं सूखा कचरा अलग करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जिसके लिए नगर निगम जन-जन को जागरूक कर रहा है। महापौर सुनीता दयाल एवं नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की योजना के क्रम में नगर निगम की स्मार्ट वर्किंग देखने को मिल रही है। अलग-अलग डस्टबिन रखने के लिए हर घर को जागरूक किया जा रहा है। निगम के पांचो जोन में कचरा पृथक्करण को लेकर मुहिम चल रही है। कई शहर की जागरूक नागरिक कचरा पृथक्करण को अपना रहे हैं। कूड़ा वाहनों का नियमित पहुंचना शहर को कूड़े की समस्या से निजात दिला रहा है।