क्राइम ब्रांच की टीम ने किया मोबाइल टावरों के उपकरण चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

-7 करोड़ रुपये की कीमत के चोरी किए गए उपकरण समेत पांच शातिर गिरफ्तार

गाजियाबाद। मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट समेत अन्य सामान चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 74 आरआर यूनिट समेत करीब 7 करोड़ रुपए का माल बरामद किया है। आरोपित चोरी किये गए माल को हांगकांग भेजते थे। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडीसीपी क्राइम सच्चिदानंद ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने टीम के साथ गिरोह के 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित दिल्ली के कांति नगर निवासी शाहरुख मलिक, अनस खान, मेरठ के लिसाढ़ी गेट निवासी वसीम मलिक,हिंडन विहार निवासी साहिल मलिक और कयूम अंसारी हैं। पूछताछ में आरोपित शाहरुख ने बताया कि वह पहले जावेद मीरापुरिया के साथ काम करता था, लेकिन बाद में उसने अपना गिरोह अलग बना लिया।

पुलिस ने आरोपितों से 74 आरआर यूनिट समेत 122 मोबाइल टावर बेसबैंड यूनिट, एक थार गाड़ी,एक स्विफ्ट और एक फ्रांक्स कार,15 रिसीवर यूनिट के कवर, 30 पैकिंग वाले गत्ते बरामद किए हैं। आरोपित शाहरुख का चचेरा भाई फईम हांगकांग में रहकर पूरी डीलिंग करता है। पुलिस आरआर यूनिट चोरी करने वाले गिरोह के 39 बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी हंै। जिनमें अंतरराष्ट्रीय तस्कर जावेद मीरापुरिया भी शामिल हैं। मोबाइल टावरों से महंगे उपकरणों की चोरी कर उसे विदेश भेजने तक का काम कर रहे थे। शाहरुख मलिक निवासी कृष्णा विहार दिल्ली ने बताया कि उसने बीए के दूसरे वर्ष में अपनी पढ़ाई छोड़ कर बिरयानी बेचने का काम शुरू किया था। ज्यादा फायदा न होने के चलते उसने अपने पिता के साथ कबाड़ी का काम शुरु कर दिया था।

इस बीच उसका भाई नईम जो उसके साथ कबाड़ का काम करता था, वह जावेद मीरापुरिया के संपर्क में आ गया। नईम ने जावेद के साथ मिलकर ज्यादा फायदा का लालच देख मोबाइल टावरों के उपकरणों की खरीद-फरोख्त शुरु कर दी। आठ महीने पहले आरआरयू की चोरी के मामले में 50 हजार का इनामी नईम जेल भेजा जा चुका है। नईम के जेल जाने के बाद से ही शाहरुख ने पूरा काम संभाल रखा था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से मोबाइल टावरों के आरआरयू, बैट्री व अन्य कीमती उपकरणों की चोरी को अंजाम दिया करते थे।