अपराधियों की नींद उड़ी, गाजियाबाद में सुरक्षा का नया अध्याय, आठ थानों में 22 शातिर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट कार्रवाई

-डीसीपी धवल जायसवाल की रणनीति ने दी सुरक्षा की गारंटी, 22 अपराधियों पर शिकंजा
-8 थानों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, 128 से अधिक पुराने केसों वाले अपराधियों पर कसी नकेल
-शहर में अपराध नियंत्रण की नई मिसाल, डीसीपी की रणनायक शैली ने बढ़ाया भरोसा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने 1 जनवरी 2026 को अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए आठ थानों में 22 शातिर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। डीसीपी नगर, धवल जायसवाल की रणनीतिक और निर्णायक कार्यशैली ने अपराधियों के लिए शहर में जगह को लगभग असुरक्षित बना दिया है। उनके नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान ने अपराधियों के नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया। गाजियाबाद नगर जोन के थानों – कोतवाली, विजयनगर, सिहानीगेट, नंदग्राम, कविनगर, मधुबन-बापूधाम, वेवसिटी और रिपब्लिक कॉसिंग में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में कुल 22 शातिर अपराधियों को निशाना बनाया गया, जिन पर हत्या, लूट, रंगदारी, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप है। इन अपराधियों पर कमिश्नरेट और अन्य थानों में कुल 128 से अधिक मामले दर्ज हैं।

डीसीपी धवल जायसवाल की कार्यशैली केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। उनका दृष्टिकोण अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने और भविष्य में होने वाले अपराधों की रोकथाम पर केंद्रित है। छापेमारी, हथियार और संदिग्ध सामग्री की बरामदगी, अपराधियों के ठिकानों की निगरानी और त्वरित कानूनी कार्रवाई उनकी रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उनके पास से हथियार, वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। इस कार्रवाई ने शहर में अपराधियों में भय पैदा किया है। डीसीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों के खिलाफ सभी कानूनी साधनों का पूर्ण उपयोग किया जाए और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। डीसीपी धवल जायसवाल की रणनायक नीति के चलते गाजियाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली अब उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली जिलों में गिनी जा रही है। उनका अभियान यह सुनिश्चित करता है कि अपराधियों के लिए शहर में कोई जगह न हो और कानून की विजय हर परिस्थिति में कायम रहे।

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि यह अभियान शहर में अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य केवल अपराधियों को पकडऩा नहीं है, बल्कि शहर में अपराध के खिलाफ एक सशक्त संदेश देना है। अपराधियों को यह समझना होगा कि गाजियाबाद में कानून का दायरा सख्ती से लागू होगा। डीसीपी ने बताया नागरिकों से लगातार सहयोग की उम्मीद है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने या हेल्पलाइन पर देने से अपराधियों पर कार्रवाई और तेज होगी। हम जनता के भरोसे और सहयोग के साथ अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे, ताकि गाजियाबाद में कानून और व्यवस्था कायम रहे।

22 शातिर अपराधी जिन पर कार्रवाई हुई:
• राशिद उर्फ मुन्ना (कोतवाली)
• परवेज (कोतवाली)
• सादाब उर्फ मुस्तकीम (विजयनगर)
• उत्तम (विजयनगर)
• विकास (सिहानीगेट)
• चेतन शर्मा (नंदग्राम)
• सचिन (नंदग्राम)
• अनुज गोयल (कोतवाली)
• कृष्ण कुमार गोयल (कोतवाली)
• तनुज गोयल (कोतवाली)
• महानंद पाण्डे (नंदग्राम)
• जगपाल सिंह (बीबीनगर)
• आशा रानी गोयल (कोतवाली)
• रवि शर्मा (कविनगर)
• अंकुश शर्मा (कविनगर)
• अमित उर्फ पेश टू (नंदग्राम)
• अंकित उर्फ अभिषेक (देवसिटी)
• बिलाल (वेवसिटी)
• अनस उर्फ पोपा (वेवसिटी)
• रामे यादव (रिपब्लिक क्रॉसिंग)
• राहुल यादव (रिपब्लिक क्रॉसिंग)
• चौखें यादव (रिपब्लिक क्रॉसिंग)

धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी

हमारा लक्ष्य नगर जोन में अपराधियों के लिए कोई जगह न छोडऩा है। शहरवासियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। प्रत्येक शातिर अपराधी के खिलाफ सख्ती और रणनीति के साथ कार्रवाई की जा रही है। गैंगस्टर एक्ट के तहत चलाए गए हालिया अभियानों से अपराधियों में डर का माहौल पैदा हुआ है और जनता को सुरक्षा का भरोसा मिला है। हमारा अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध नियंत्रण और समाज में कानून का राज कायम करने के लिए निरंतर चलाया जा रहा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि नागरिक पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें।
धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी