“संभव” में समाधान की रफ्तार तेज: नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सुनीं जनता की पीड़ा, दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

-जलकल विभाग की लापरवाही पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक सख्त, महाप्रबंधक जल को तत्काल रिपोर्ट देने के आदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को “संभव जनसुनवाई कार्यक्रम” का आयोजन हुआ, जिसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वयं जन समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में कुल 18 जन-संदर्भ प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें जलकल विभाग से जुड़ी रहीं। महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद को निर्देशित किया गया कि सभी संदर्भों पर इसी दिन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो, इसका सुनिश्चित प्रयास हो। प्राप्त जनसंदर्भों में जलकल विभाग – 5, निर्माण विभाग – 5, प्रकाश विभाग – 4, संपत्ति विभाग – 2, उद्यान विभाग – 1, टैक्स विभाग – 1 प्राप्त हुए। इस दौरान सभी निगम अधिकारी मौजूद रहे और नगर आयुक्त के निर्देशों के अनुसार समाधान प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई।

नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि संभव सिर्फ एक बैठक नहीं, जनता के विश्वास की परीक्षा है। उन्होंने निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता और महाप्रबंधक जल को विशेष रूप से चेताया कि किसी भी संदर्भ पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि जिन कार्यों पर पहले से कार्यवाही चल रही है, उनकी नियमित मॉनिटरिंग और फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव और संयुक्त नगर आयुक्त ओमप्रकाश ने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को संतुष्ट करना ही हमारा प्रथम दायित्व है। संभव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गाजियाबाद नगर निगम जनसुनवाई को औपचारिकता नहीं, समाधान का माध्यम बना रहा है। यह पहल जनभागीदारी, प्रशासनिक तत्परता और जनता के विश्वास को मज़बूती देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।