-लव जिहाद से हारकर युवती ने 120 कॉल, मैसेज करने के बाद किया था आत्मदाह
-पांच साल तक प्रेमजाल में फंसाकर ऐंठे लाखों रुपये, शादी के नाम पर करा दिया था धर्मांतरण
गाजियाबाद। कई राज्यों में कानून बनाने और तमाम सख्तियों के बाद भी लव जिहाद के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनने के बावजूद भी नए मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनके निशाने में कोई और नहीं बल्कि हिंदू युवतियां हमेशा निशाने पर रहती है। कभी नाम छिपाकर तो कभी धर्म छिपाकर हिंदू युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है। इन सबसे काम नहीं चलता तो मीठी-मीठी बातें कर प्रेम वफा की कसमें खाकर अपनी बातों में रिझाकर उनसे पहले प्रेम और फिर शादी के नाम पर शारीरिक संबंध बनाकर छोड़ दिया जाता है या फिर शादी के बाद धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता है। ऐसी ही एक घटना का डीसीपी सिटी राजेश कुमार की टीम ने खुलासा किया है। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चंद्रपुरी इलाके में युवती ने लव जिहाद से तंग आकर आत्मदाह किया था। जैसे ही घटना का पता पुलिस को लगा तो बिना देरी किए डीसीपी सिटी की टीम ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी फराज अथर पुत्र शब्बन अली को गिरफ्तार कर लिया है। वह दिल्ली के शाहदरा इलाके का रहने वाला है। पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि युवती ने आरोपी फराज को आत्मदाह से पहले 120 कॉल की थीं, उसके फोन न उठाए जाने पर वॉयस मैसेज छोड़कर आत्मदाह की जानकारी भी दी लेकिन इस पर भी जालिम का दिल नहीं पसीजा और मासूम अपनी जान से चली गई। युवती के कैंसर पीड़ित पिता ने मंगलवार शाम नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी बेटी को फराज, उसके भाई कासिफ, मां मोह तलत, बहन सना और दो अज्ञात लोगों ने लव जिहाद का शिकार आत्मदाह करने को मजबूर किया था। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि फराज ने अपनी पहचान छिपाकर युवती को पहले प्रेमजाल में फंसाया और फिर कर्ज के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। वर्षों तक युवती का शारीरिक शोषण किया और जबरन धर्म परिवर्तन तक करा दिया। लव जिहाद की घटना का बुधवार को हरसांव पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया 11 दिसंबर को युवती द्वारा आत्मदाह किए जाने के मामले की जांच के दौरान सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
दूसरे धर्म के युवक ने उसे लव जिहाद का शिकार बनाकर धर्म परिवर्तन कराया था। पांच वर्षों तक युवती का शारीरिक और आर्थिक शोषण किया गया और ड्रग एडिक्ट तक बना दिया। युवती उससे प्यार करती थी और शादी करना चाहती थी लेकिन फराज उससे शादी करने को तैयार नहीं था और इसी कारण युवती ने आत्मदाह का रास्ता चुना। डीसीपी ने बताया कि युवती के मोबाइल और उसकी डायरी से लव जिहाद, धर्म परिवर्तन, शारीरिक और आर्थिक शोषण के साक्ष्य मिले हैं। मामले का खुलासा युवती के मोबाइल में मिली चैट, रिकॉर्डिंग और डायरी से मिली जानकारी पर हुआ है। डायरी में मिले हस्त लेख में नमाज के समय और तरीके बताए गए हैं। युवती ने इस्लाम धर्म की रीति रिवाज अपना लिए थे, उसके बावजूद फराज शादी नहीं करना चाहता था। उसने शादी के लिए पहले मोटा पैसा देने की मांग भी की थी। फराज अलग- अलग बहानों से अब तक करीब साढ़े छह लाख रुपये ले चुका था। वह अक्सर कोई न कोई परेशानी बताकर पैसा ऐंठने की कोशिश करता रहता था। डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान युवती के प्रेगनेंट होने, एबॉर्शन कराने और ड्रग्स लेने की बात भी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि फरार को उसके पूरे परिवार को समर्थन था, अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। डीसीपी राजेश कुमार ने बताया कि फराज अथर एमबीए पास है और शेयर ट्रेडिंग का धंधा करता है। ग्रेजुएट युवती से उसकी मुलाकात कॉमन फ्रेंड्स के जरिए हुई थी। युवती भी ट्रेडिंग और ऑनलाइन इंश्योरेंस का काम करती थी। फराज की मंशा युवती की करोड़ों रुपए की संपत्ति हड़पने की थी। इसी के चलते उसने कई साल तक युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाए रखा। फराज अथर वर्ष 2021 में भी युवती का गर्भपात भी करा चुका था। वहीं, आत्महत्या के वक्त युवती चार माह की गर्भवती थी। इस संबंध में पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट और चैट्स भी हाथ लगी हैं। डीसीपी के मुताबिक आरोपी की बेवफाई से आहत होकर ही युवती ने खुद को जिंदा जला डाला। फराज ने युवती को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक व आर्थिक शोषण किया। धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना ही वह युवती से निकाह करना चाहता था। मामले में नामजद अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
















