प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजना डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लाभ नागरिकों को मिल सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस परियोजना के एक भाग का लोकार्पण कर दिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानपुर के नजदीक न्यू भाऊपुर और न्यू खुर्जा के बीच निर्मित कॉरिडोर को देश को समर्पित किया। इसकी लंबाई करीब 351 किलोमीटर है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का शुभारंभ करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन भारतीय रेल के गौरवशाली अतीत को 21वीं सदी की नई पहचान देने वाला है। भारत और इंडियन रेल का सामर्थ्य बढ़ाने वाला है। आज आजादी के बाद का सबसे भव्य और आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। ऐसे में बेहतरीन कनेक्टिविटी देश की प्राथमिकता है। पिछले 6 साल से भारत में आधुनिक कनेक्टिविटी के प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर आत्मनिर्भर भारत के बहुत बड़े माध्यम होंगे। उद्योग, व्यापार, कारोबार, किसान और कंज्यूमर सभी को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को पिछली सरकार के शासन काल के दौरान 2006 में अनुमोदित किया गया था। साल 2014 तक यह प्रोजेक्ट सिर्फ कागजों में मौजूद था। 2014 के पूर्व की केंद्र सरकार ने आवश्यक तात्कालिकता वाले राज्यों के साथ बात तक नहीं की। 2014 तक रेलवे लाइनों का एक किमी ट्रैक भी नहीं बिछाया जा सका था। बता दें कि यह कॉरिडोर लगभग 5 हजार 750 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ईस्टर्न कॉरिडोर के सेक्शन के साथ-साथ प्रयागराज में बने कंट्रोल रूम का भी शुभारंभ किया। यह देश का सबसे भव्य कंट्रोल रूम है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
















