नई आबकारी नीति को लेकर उप आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों संग किया मंथन

• दुकानों के व्यवस्थापन के लिए जनपद की सभी दुकानों की ली जानकारी
•अवैध शराब और लाइसेंसी दुकानों पर ओवर रेटिंग रोकने में तेजी दिखाएं टीम: राकेश कुमार सिंह
•नई आबकारी नीति को लेकर समय कम और काम ज्यादा के बीच आबकारी अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती

उदय भूमि
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति जारी कर दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य 55,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना और शराब कारोबार को अधिक मजबूत बनाना है। नीति में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे व्यापारियों और खरीददारों दोनों को फायदा होगा। इसके तहत दुकानों का आवंटन, शराब की श्रेणियों में बदलाव, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और निर्यात प्रोत्साहन जैसे कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। नई आबकारी नीति में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए भी कई फैसले लिए गए है। जहां एक तरफ सरकार करोड़ों का राजस्व बटोरने में जुटी है तो वहीं दुसरी और बाहरी राज्यों के अवैध शराब को किस तरह से कंट्रोल किया जा सकता है, इस पर भी जोर दिया गया है। इस बार शराब की दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति पूरे राज्य में अधिकतम दो दुकानें ही ले सकता है। हालांकि, वो सभी दुकानों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके अलावा, अब केवल सफल आवेदकों से ही फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या बैंक गारंटी (बीडी) मांगी जाएगी, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल होगी और ज्यादा लोग भाग ले सकेंगे। बता दें कि नई नीति के तहत, अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 से दुकानों को दो साल के लिए नवीनीकृत करने की सुविधा दी जाएगी। इससे व्यापारियों को लंबे समय तक कारोबार करने में आसानी होगी और आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी।

देखा जाए तो विभाग का पूरा ध्यान नए लोगों को इस कारोबार से जोडऩा है। नई आबकारी नीति को लेकर एक तरफ जिले में सरकारी कामकाज को बोढ अधिक बढ़ गया है तो, इस बीच अवैध शराब और ओवर रेटिंग को रोकने के लिए भी आबकारी विभाग की फौज को दिन-रात मेहनत करनी पड़ रही है। क्योंकि उनकी हलकी सी चूक भी अवैध शराब और ओवर रेटिंग को बढ़ावा दे सकती है। शराब विक्रेता अपनी मनमानी न कर सकें इसके लिए आबकारी अधिकारी भी अपने इंस्पेक्टरों के साथ दुकानों की निगरानी कर रहे है। शनिवार देर शाम को मेरठ मंडल उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने गाजियाबाद आबकारी अधिकारी कार्यालय पर जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की मौजूदगी में आबकारी निरीक्षक मनोज शर्मा, त्रिवेणी प्रसाद मौर्य, अखिलेश, अखिलेश वर्मा, डॉ राकेश त्रिपाठी और अनुज वर्मा के साथ बैठक की। बैठक में नई आबकारी नीति के अनुसार दुकानों के व्यवस्थापन के लिए जनपद की समस्त देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, भांग की फुटकर दुकानों एवं मॉडल शॉप के दुकानवार विवरण की जानकारी ली एवं दुकानों के विवरण-पत्र यथाशीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।

जिससे ई लॉटरी से पहले सभी दुकानों का व्यवस्थापन की प्रक्रिया सरल हो सकें। वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति में बदलाव कर दिया गया है। नई नीति के मुताबिक इस बार दुकानों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। उसके स्थान पर ई-लाटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। देशी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानों को लेने के लिए राह आसान कर दी है, जिससे किसी एक समूह की मनमानी न चले। इसके साथ ही कंपोजिट शॉप की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। समूह में मिलकर लोग शराब बेचने के लिए कंपोजिट शॉप ले सकेंगे। ई लाटरी के जरिये दुकानों का आवंटन किया जाएगा। हर जिले में ई-लाटरी की जाएगी। एक आवेदक को एक ही दुकान दी जाएगी। पूरे प्रदेश में एक व्यक्ति को दो से ज्यादा दुकानें नहीं दी जाएंगी। ई-लाटरी के लिए कोई निजी एजेंसी हायर नहीं की जाएगी। आवेदन के समय जमा की जाने वाली फीस नान- रिफंडेबल होगी। दुकानों को अनाव्यशक रुप से बढ़ाने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है। ध्यान रहें उन स्थानों की तलाश की जाए, जहां अभी तक शराब की दुकाने नहीं है।

उप आबकारी आयुक्त ने बताया जिन कंपोजिट दुकानों का क्षेत्रफल 400 वर्ग फीट या अधिक है, वे मॉडल शॉप में बदली जा सकती हैं। मॉडल शॉप में ग्राहक बैठकर शराब का सेवन कर सकेंगे। देशी शराब की दुकानों को शर्तों के तहत बीयर बेचने की अनुमति भी दी गई है। नोएडा और नगर निगम क्षेत्रों में कम से कम 3,000 वर्ग फीट के क्षेत्रफल वाली दो मॉडल शॉप को प्रीमियम मॉडल शॉप के रूप में बदला जा सकता है और इन्हें वर्ष 2027-28 तक नवीनीकृत किया जा सकेगा। साथ ही बिना लाइसेंस के शराब का सेवन करने वाले और कार्यक्रम स्थल में बाहरी राज्यों की शराब पाए जाने के मामले में भी कार्यवाही का दायरा बढ़ाया गया है। नई आबकारी नीति के तहत अगर किसी कार्यक्रम स्थल पर यदि अन्य प्रदेशों के लिए निर्मित शराब को एकत्र किया जाता है और परोसा जाता है, साथ ही बिना लाइसेंस के शराब का सेवन होता है तो कार्यक्रम का आयोजन कराने वाले संबंधित व्यक्तियों पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

यह व्यवस्था पहले नहीं थी। लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने से काफी हद तक बाहरी राज्यों की शराब को प्रदेश में रोकने पर सहूलियत मिलेगी। इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए कि समय कम और काम ज्यादा है, इसलिए जल्द से जल्द दुकानों के व्यवस्थापन के लिए जनपद की समस्त देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, भांग की फुटकर दुकानों एवं मॉडल शॉप के दुकानवार विवरण तैयार कर लें। जिससे ई लॉटरी के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सरकारी कामकाज के बीच में अवैध शराब और लाइसेंसी दुकानों पर ओवर रेटिंग रोकने की कार्रवाई में तेजी लाए। अगर किसी के क्षेत्र में शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग और शराब तस्करी की शिकायतें मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शराब तस्करी और ओवर रेटिंग को रोकने के लिए खुद के नेटवर्क को तैयार करें। विक्रेताओं के कार्यों में तभी सुधार आ सकता है, जब विक्रेताओं में विभाग को डर हो, इसके लिए उनके मन में डर बना होना बेहद जरुरी है।

दुकानों पर गुप्त टेस्ट परचेजिंग की कार्रवाई में तेजी लाए। साथ ही अनुज्ञापियों को भी दुकानों की निगरानी रखने के लिए चेतावनी दी जाए। इन सबके लिए सबसे पहले खुद के कार्यों में सुधार लाने की आवश्यकता है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने बताया नई आबकारी नीति को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। साथ ही दुकानों के व्यवस्थापन और उनका विवरण भी तैयार कर लिया गया है। आगामी दिनों में ई लॉटरी होने के साथ ही होली का पर्व भी नजदीक है। दुकानों की निगरानी और अवैध शराब के नेटवर्क को तोडऩे के लिए आबकारी विभाग की टीम पूरी तरह से तैयार है। जिले में नियम के विपरीत अवैध शराब के कारोबार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीमें राजमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग के साथ-साथ चेक पोस्ट भी 24 घंटे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही है। इसके अलावा हिंडन खादर क्षेत्र में भी टीमें लगातार दबिश देने के साथ आमजन के सहयोग से लोगों के बीच जाकर जागरुकता अभियान चला रही है। जिसमें विभाग को भी सफलता मिल रही है। देहात क्षेत्र के लोग अब खुद भी विभाग की कार्रवाई में अपना सहयोग दे रहे है।