डिजिटल जनगणना का आगाज़, 22 मई से प्रगणक खटखटाएंगे हर घर का दरवाजा

-21 मई तक स्व जनगणना का अवसर, जिला प्रशासन ने की व्यापक तैयारियां
-मकान सूचीकरण से शुरू होगा प्रथम चरण, 20 जून तक चलेगा घर-घर सर्वे अभियान
-425 कर्मचारियों को नोटिस, प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर सख्ती

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में जनगणना प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश करने जा रही है। स्व जनगणना की अवधि पूरी होने के बाद आगामी 22 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डिजिटल जनगणना का कार्य शुरू करेंगे। जिला प्रशासन ने इस व्यापक अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार 22 मई से 20 जून तक जनपद के शहरी और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया जाएगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा जिला जनगणना अधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि वर्तमान में जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और भवन गणना का कार्य चल रहा है। इसके बाद प्रगणक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक घर तक पहुंचकर परिवारों का विवरण दर्ज करेंगे। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। सात मई से 21 मई तक स्व जनगणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम और अन्य निकाय क्षेत्रों में लोगों को स्व जनगणना के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर हेल्पडेस्क स्थापित की गई हैं, जहां नागरिकों को पंजीकरण और जानकारी भरने में सहायता दी जा रही है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे स्व जनगणना में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्व जनगणना से प्रक्रिया सरल और तेज होती है तथा प्रगणकों को भी कार्य में सुविधा मिलती है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे जनगणना के आंकड़े सटीक और विश्वसनीय बन सकें। प्रशासन की ओर से घर-घर सर्वेक्षण के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रिजर्व में रखे गए कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संग्रहण में कोई कठिनाई न आए।

इसी बीच नगर निगम ने प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले लगभग 425 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित कर्मचारियों को समय पर प्रशिक्षण लेकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जिला प्रशासन का कहना है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि भविष्य की नीतियों और योजनाओं की आधारशिला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की योजनाएं इन्हीं आंकड़ों पर आधारित होती हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और सहयोग आवश्यक है। 22 मई से शुरू होने जा रहा यह अभियान जनपद में व्यापक स्तर पर संचालित होगा, जिसके तहत प्रत्येक घर तक पहुंचकर जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक उनके घर आएं तो उन्हें सही जानकारी देकर सहयोग करें, ताकि जनपद की सटीक तस्वीर सामने आ सके और विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से बनाई जा सकें।