-गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नई पहल, पारदर्शी लॉटरी प्रणाली से होगा आवंटन
-बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक सुविधाएं और हरित वातावरण के साथ मिलेगा नियोजित आवासीय क्षेत्र
-जनहित को ध्यान में रखकर सभी वर्गों के लिए आरक्षण व विशेष रियायतें लागू
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहरवासियों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने मधुबन बापूधाम योजना के अंतर्गत विकसित आवासीय भूखण्डों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। यह योजना उन नागरिकों के लिए सुनहरा अवसर मानी जा रही है जो आधुनिक सुविधाओं, सुव्यवस्थित विकास और सुरक्षित आवासीय वातावरण में अपना घर बसाना चाहते हैं। प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई यह पहल केवल भूमि आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जीवनशैली उपलब्ध कराने का प्रयास भी है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच संगठित और योजनाबद्ध आवासीय क्षेत्रों की आवश्यकता को देखते हुए मधुबन बापूधाम योजना को विशेष रूप से विकसित किया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल का कहना है कि योजना के पॉकेट ई और एफ में विभिन्न श्रेणियों के आवासीय भूखण्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के कुल 350 से अधिक भूखण्ड शामिल हैं। सभी भूखण्डों का आवंटन पूर्णत: पारदर्शी ऑनलाइन पंजीकरण और कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की संभावना समाप्त हो सके।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 मई से प्रारम्भ होकर 25 मई तक संचालित रहेगी। इच्छुक आवेदक प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट एवं जनहित पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से नागरिकों को लंबी कतारों और कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी तथा पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। प्राधिकरण ने भूखण्डों की दर 35,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है, जो मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिस्पर्धात्मक मानी जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि योजना में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासनादेश के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए आरक्षण और विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पंजीकरण प्रक्रिया को जनहित के अनुरूप सरल बनाया गया है। सामान्य श्रेणी के आवेदकों को कुल लागत का 10 प्रतिशत तथा आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को केवल 5 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा करनी होगी। इसके अतिरिक्त एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार 4 से 6 प्रतिशत तक की छूट का लाभ भी प्रदान किया जाएगा, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
मधुबन बापूधाम योजना गाजियाबाद की प्रमुख आवासीय योजनाओं में शामिल है, जहां भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे का विकास किया जा रहा है। योजना क्षेत्र में चौड़ी सड़कें, बेहतर यातायात संपर्क, पार्क एवं हरित क्षेत्र, जल आपूर्ति व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम, विद्युत व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियोजित कॉलोनियों के विकास से अनियंत्रित शहरी विस्तार पर रोक लगती है और नागरिकों को सुरक्षित तथा स्वच्छ वातावरण मिलता है। जनहित के दृष्टिकोण से यह योजना विशेष महत्व रखती है। लगातार बढ़ती आबादी और महंगे होते निजी आवासीय विकल्पों के बीच सरकारी विकास प्राधिकरण द्वारा योजनाबद्ध भूखण्ड उपलब्ध कराना आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। इससे न केवल लोगों को किफायती दरों पर आवासीय विकल्प मिलेंगे, बल्कि शहर का संतुलित विकास भी सुनिश्चित होगा। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार इस योजना का उद्देश्य केवल प्लॉट आवंटित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, व्यवस्थित और आधुनिक जीवनशैली उपलब्ध कराना है।
योजना क्षेत्र को भविष्य के स्मार्ट शहरी ढांचे के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक आदर्श आवासीय परिसर के रूप में स्थापित हो सके। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण कर इस अवसर का लाभ उठाएं। अधिकारियों ने कहा कि समय पर आवेदन करने से अधिक से अधिक लोगों को योजना में भागीदारी का अवसर मिलेगा और पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र आवेदकों को भूखण्ड आवंटित किए जाएंगे। शहर में बढ़ती आवासीय जरूरतों के बीच मधुबन बापूधाम योजना आम नागरिकों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। अपने घर का सपना देखने वाले हजारों परिवारों के लिए यह योजना केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, स्थिर जीवन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

जीडीए उपाध्यक्ष
मधुबन बापूधाम योजना के अंतर्गत आवासीय भूखण्डों की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर नागरिकों को पारदर्शी और सुविधाजनक आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना में आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि आवंटियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बेहतर जीवनशैली मिल सके। भूखण्डों का आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन एवं कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहेगी। समाज के सभी वर्गों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए शासनादेश के अनुसार आरक्षण एवं विशेष प्रावधान लागू किए गए हैं।
नंद किशोर कलाल
जीडीए उपाध्यक्ष
















