-हीटवेव (लू) सेहत के लिए हो सकती है जानलेवा बरते सावधानी: सौरभ भट्ट
गाजियाबाद। मौसम विभाग की ओर से जारी की गयी एडवाइजरी के अनुसार हीटवेव (लू) असामान्य रूप से उच्चतम तापमान की अवधि है जब तापमान सामान्य तापमान से अधिक दर्ज किया जाता है। वर्तमान समय में जनपद में परिस्थितियां हीटवेव के अनुकूल बनी हुई है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ऐसे में एडीएम एफ/आर सौरभ भट्ट ने गर्मी के मौसम में लू के प्रकोप से जनसामान्य को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। कहा कि गर्मी के मौसम में चाहे इंसान हो या पशु या फिर कोई पालतू जानवर सभी को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों व बुजुर्गों का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार आगामी दिनों में दैनिक तापमान में तेजी से वृद्धि होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
हीट वेव (लू) आसामान्य रूप से उच्चतम तापमान की अवधि है, जब तापमान सामान्य तापमान से अधिक दर्ज किया जाता है। वर्तमान समय में जनपद में परिस्थितियां हीट वेव (लू) के अनुकूल बनी हुई हैं। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और ऐंठन की शिकायत होने लगती है, जिससे लोगों में गंभीर समस्या होने की संभावना बढ़ जाती हैं। उच्च आद्रता एवं वायुमण्डलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) एवं ऐठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रों में तापमान उच्चतम हो जाने से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हिटवेव (लू) से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बीमार, मजदूर, दुर्बल, एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जनपद गाजियाबाद हीटवेव (लू) से बचाव के लिए निम्न बातों की ध्यान रखने की जरुरत है।
हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव के लिए करें यह काम
1-कड़ी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
2-हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें।
3-धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें।
4- पर्याप्त और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। सफर मे अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें।
5-खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नींबू का पानी, छाछ, आम का पन्ना इत्यादि घरेलू पेय पदार्थों को इस्तेमाल करें।
6-रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें।
7- कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।
8- अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे।
हीट वेव/लू प्रकोप से बचाव के लिए न करें ये काम
1-भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें।
2-उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन न करें।
3-शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें क्योकि ये शरीर को निर्जलित करते हैं।
4- दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें। रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिए खिडकी व दरवाजे खुले रखें।
















