-25 वाद सुलह-समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निस्तारित, 76.68 लाख की राशि का निपटारा
-राज्य उपभोक्ता आयोग के निर्देशन में जिला उपभोक्ता आयोग ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग लखनऊ के निर्देशन में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गाजियाबाद में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में कुल 44 वाद नियत किए गए थे, जिनमें से 25 वादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग गाजियाबाद के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन ने की। इस अवसर पर मुख्य रूप से 75 वर्षीय श्री गुरजीत सिंह का निष्पादन वाद निपटाया गया, जो एलआईसी कंपनी के विरुद्ध वर्ष 2005 में दायर किया गया था। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम के अलावा राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग दिल्ली में भी अपील दाखिल की गई थी, जिसे उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग दिल्ली द्वारा अंतिम रूप से निपटाया गया।
इसके अतिरिक्त अनिल अग्रवाल बनाम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में परिवाद संख्या 08/1994 के अंतर्गत निष्पादन कार्रवाई हुई। जिला आयोग के आदेशानुसार, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने संबंधित विक्रय पत्र संपादित किया। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षकारों की सहमति से मामले का निस्तारण किया गया और सभी विवादों का निष्पादन पूर्ण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 25 वादों का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया, जिसमें कुल धनराशि 7,66,8500 रुपए का भुगतान किया गया। यह राशि पक्षकारों के बीच सहमति और समझौते के अनुसार निपटाई गई।
इस तरह की कार्यवाही उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय और समाधान प्रदान करने का माध्यम है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं के वादों का त्वरित और प्रभावी निपटारा किया जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों का सुलह-समझौते द्वारा निपटारा करना न्यायिक प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाता है। इस प्रकार की पहल उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाती है और उन्हें समय पर न्याय प्राप्त करने का अवसर देती है।
















