राजस्व समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मॉंदड़ ने अवैध कब्जा और राजस्व सुधार पर कड़ा रुख अपनाया

-तहसील स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा और राजस्व संग्रह बढ़ाने पर विशेष जोर
-एंटी भूमाफिया अभियान के तहत अवैध कब्जाधारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
-जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और पात्र लाभार्थियों के लिए समयबद्ध निस्तारण का निर्देश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में बुधवार को राजस्व विभाग से संबंधित एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कर एवं करेत्तर राजस्व की स्थिति, एंटी भूमाफिया के अंतर्गत की गई कार्रवाइयों, दैवीय आपदा प्रबंधन, मॉकड्रिल कार्ययोजना, राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े प्रकरणों, निरीक्षण एवं प्रवर्तन की प्रगति, कार्यालयों की भौतिक स्थिति, स्वामित्व योजना, अभिनव कार्यों, ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण, शिकायत निवारण, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, खनन एवं टास्क फोर्स की कार्रवाई, शासकीय भूमि से अवैध कब्जे हटाने, ऑनलाइन खसरा कम्प्यूटरीकरण तथा मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं के पक्ष में स्वीकृत पट्टों की स्थिति की गहन समीक्षा की।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी नियमित रूप से साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करें, जिससे फील्ड की वास्तविक स्थिति और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में किसी प्रकार का अंतर न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध और सतत कार्रवाई आवश्यक है। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पाक्षिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को गंभीर चुनौती बताते हुए इनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर पेशेवर कब्जाधारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसे तत्वों पर एंटी भूमाफिया अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गरीब, कमजोर या असहाय नागरिकों की भूमि पर अवैध कब्जा करता पाया जाता है और वह पेशेवर भूमाफिया की श्रेणी में आता है, तो उसके विरुद्ध भी बिना किसी भेदभाव के एंटी भूमाफिया के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को मानव जीवन से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि इस पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि मिलावटखोरों के विरुद्ध निरंतर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री, पीएम सूर्य घर योजना, फैमिली आईडी सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों से अधिकाधिक आवेदन प्राप्त कर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचे। जिलाधिकारी ने जनता दर्शन को शासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बताते हुए निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान आमजन से सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखा जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे शासन के प्रति जनता की सकारात्मक सोच और विश्वास दोनों मजबूत होंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति, सिटी मजिस्ट्रेट, उप-जिलाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।