जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: मुख्य अग्रिशमन अधिकारी के नेतृत्व में 42 भवनों का निरीक्षण  

-हर भवन में आपात निकास और उपकरण हमेशा रखें कार्यशील: राहुल पाल
-भीड़भाड़ वाले मॉल, होटल और बैंक्वेट हॉलों में अग्निशमन व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण
–खामियों पर कड़ी कार्रवाई, कर्मचारियों को फायर फाइटिंग प्रशिक्षण और विद्युत ऑडिट भी अनिवार्य

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया है। कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देश पर बुधवार को मॉल, होटल, मैरिज हॉल और बैंक्वेट हॉल जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने स्वयं किया, जिन्होंने सुरक्षा मानकों का सख्त पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर निरीक्षण किया और जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। इस अभियान के तहत इंदिरापुरम के शाइन प्लाजा और वन मॉल, वसुंधरा के होटल ब्लैक स्टोन और होटल दा डायमंड, लोहनगर के ग्रैंड पीतल बैंक्वेट हॉल, बसंत चौकी मालीवाड़ा के वोल्गा पैलेस, कविनगर के ट्रिनिटी बैंक्वेट हॉल और एनएच-24 स्थित एलीगेंट बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान भवनों में स्थापित अग्निशमन प्रणालियों की गहन जाँच की गई। जांच में कई जगहों पर उपकरण निष्क्रिय पाए गए, तो कहीं आपात निकास मार्ग अवरुद्ध पाए गए।

राहुल पाल ने कहा कि अग्नि सुरक्षा से समझौता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक भवन में फायर सेफ्टी उपकरण हमेशा ऑटो मोड पर कार्यशील रहना चाहिए और निकास मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध मुक्त होने चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम ने मौके पर कर्मचारियों को फायर फाइटिंग उपकरणों के संचालन का संक्षिप्त प्रशिक्षण भी दिया। आग लगने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और जन-धन की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इसके साथ ही संबंधित भवनों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था का अनिवार्य विद्युत ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए। सीएफओ राहुल पाल की सक्रिय और अनुशासित कार्यशैली के कारण यह अभियान काफी प्रभावी सिद्ध हुआ। उन्होंने सुनिश्चित किया कि निरीक्षण अभियान केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि वास्तविक सुरक्षा मानकों के अनुपालन और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की नियमित निगरानी से गाजियाबाद में किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। अपर पुलिस महानिदेशक अग्निशमन और आपात सेवा मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत 27 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 तक कुल 42 भवनों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को गंभीर मानते हुए संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया जा रहा है और सुधार कार्य की रिपोर्ट तत्काल प्रशासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान में यह भी ध्यान रखा गया कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए प्रत्येक भवन में निरीक्षण के समय कर्मचारियों को अल्प प्रशिक्षण दिया गया और आपात स्थिति में त्वरित निकासी की प्रक्रिया समझाई गई।

साथ ही सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने हेतु भवन स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अग्निशमन उपकरण हमेशा तैयार और कार्यशील स्थिति में रहें। सीएफओ राहुल पाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं है, बल्कि जनता की सुरक्षा को हर स्तर पर सुनिश्चित करना है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह की निरंतर, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाइयों के चलते गाजियाबाद में अग्नि सुरक्षा का माहौल मजबूत हो रहा है और आमजन को शहर में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो रहा है।