उदय भूमि ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश के रायबरेली जिला में डीएम और सीएमओ के बीच हुई तकरार सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रही है। सीएमओ की चिट्ठी को लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं जिसमें लिखा है कि डीएम रायबरेली ने कोरोना को लेकर बुलाई गई मीटिंग में अधिकारियों की मौजूदगी में सीएमओ को गधा कहा। सीएमओ का आरोप है कि डीएम ने उन्हें गाली दी और गंदी व भद्दी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी खाल खींच लूंगा और जमीन में गाड़ दूंगा। सीएमओ ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य निदेशक से की है। मामला तूल पकड़ने के बाद रायबरेली के डॉक्टरों के संगठन की डीएम के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद डॉक्टरों के संगठन द्वारा प्रेस रिलीज जारी कर कहा गया कि सब कुछ सामान्य है। गधा शब्द कोई गाली नहीं है।
कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासनिक अमला तक जबरदस्त दवाब में काम कर रहा है। कोरोना रोकथाम को लेकर उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के डीएम वैभव श्रीवास्तव स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे। मीटिंग में कोरोना हॉस्पीटल में खान-पान की देखरेख कर रहे प्रभारी डॉक्टर मनोज अनुपस्थित थे। डीएम ने सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा से इसका कारण पूछा। सीएमओ ने जो कारण बताया उससे डीएम संतुष्ट नहीं हुए। डीएम ने सीएमओ को जमकर फटकार लगाई। सीएमओ मीटिंग छोड़कर बाहर आये। शनिवार को सीएमओ ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को डीएम के खिलाफ पत्र लिखकर कोरोना से जंग में लगे डॉक्टरों की इज्जत बचाने की गुहार लगा दी है। सीएमओ की यह चिट्ठी देखते ही देखते वायरल हो गई। सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि डीएम वैभव श्रीवास्तव ने मीटिंग के दौरान उन्हें गधा कहा। उन्होंने गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी खाल खींच लूंगा और जमीन में गाड़ दूंगा। डीएम के दुव्यर्वहार के कारण मेरी तबीयत बिगड़ गई और मैं मीटिंग छोड़कर बाहर आ गया।
गधा नहीं है गाली: चिकित्सा सेवा संघ
मामला बढ़ने पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ रायबरेली ने हस्तक्षेप किया। सीएमओ ने स्वास्थ्य महानिदेशक को भेजे पत्र की प्रति प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) को भी भेजी गई थी। शनिवार को कलेक्ट्रेट में डीएम चैंबर में बैठक हुई, जिसमें संगठन पदाधिकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पीएमएस संघ के अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन, सीएमओ, सीएमएस, एसीएमओ, सीएचसी अधीक्षक आदि शामिल हुए। संघ के अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन ने पत्र जारी कर कहा कि डीएम और संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसके बाद सब कुछ निपट गया है। ‘गधा’ कहना गाली की श्रेणी में नहीं आता है। अब कोई विवाद नहीं है।
दुखद है घटना
सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा का कहना है कि मीटिंग में डीएम ने सबके सामने मुझे गाली दी थी। हम लोग कर्ई बार इस तरह की भाषा सुनते हैं। यह आहत करने वाला है। हम लोग कोविड-19 जैसी महामारी में जनता को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं ऐसे में कोई अपमानित करे तो दुखद है। मैंने मंत्रालय में एक पत्र भेजा है।
















