शहर की व्यवस्था दुरुस्त करने को डीएम की नई पहल, क्यूआरटी टीम का गठन और प्रदूषण नियंत्रण पर दिए सख्त संकेत

-शहर में रखरखाव के लिए क्यूआरटी गठित करने की होगी प्लानिंग: दीपक मीणा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर की मूलभूत सुविधाओं, रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अब जिला प्रशासन स्तर पर ठोस कदम उठाने की तैयारी है। गुरुवार को विकास भवन के दुर्गावती देवी सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में फ्लैट ओनर्स फेडरेशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें गाजियाबाद के नागरिक जीवन से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं पर खुलकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान फेडरेशन ने शहर में सुविधाओं के तत्काल समाधान के लिए क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) के गठन की मांग रखी। फेडरेशन के चेयरमैन, रिटायर्ड कर्नल टीपी त्यागी ने सुझाव दिया कि शहर की साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक ऐसी टीम का गठन किया जाए जो हर क्षेत्र में सक्रिय हो। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि इन टीमों के रखरखाव के लिए वार्षिक ठेके छोड़े जाएं ताकि स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जा सके।

प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी फेडरेशन ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों में इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) चल रहे हैं या नहीं, इसका औचक निरीक्षण सिविल सोसाइटी को सौंपा जाए। क्योंकि तीन-तीन हजार फैक्ट्रियों की निगरानी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केवल तीन अधिकारियों के बूते की बात नहीं है। यह व्यवस्था न केवल निरीक्षण में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि आम जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी। बैठक में यूपी अपार्टमेंट बायलॉज के सेक्शन-48 के अंतर्गत फेडरेशन को सोसाइटी चुनाव कराने की जिम्मेदारी देने का भी सुझाव दिया गया। फेडरेशन ने बताया कि जिले में करीब 400 हाउसिंग सोसाइटियां हैं, जिनमें हर साल चुनाव कराने की आवश्यकता होती है, जिसे प्रशासनिक मशीनरी के सहयोग से फेडरेशन सफलतापूर्वक करवा सकता है। इसी क्रम में यह भी मांग उठाई गई कि सोसाइटी विवादों को सुलझाने की जिम्मेदारी भी फेडरेशन को दी जाए ताकि आम नागरिकों को न्याय मिल सके।

रिटायर्ड कर्नल टीपी त्यागी ने शहरी विकास की अवधारणा को केवल कंक्रीट के जंगलों तक सीमित न रखते हुए सुझाव दिया कि बच्चों और युवाओं के लिए फुटबॉल फील्ड विकसित किए जाएं, जिससे उनमें टीम स्पिरिट और नेतृत्व कौशल पनपे। उन्होंने यह भी कहा कि नए बहुमंजिला निर्माण पर फिलहाल रोक लगाई जाए और जीडीए को अवकाश देकर पुनर्रचना की जाए। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि क्यूआरटी की अवधारणा हो या यूपी अपार्टमेंट बायलॉज की धारा 48 के अंतर्गत फेडरेशन को अधिकार देने की बात, सभी पर विभागीय समन्वय और नियमानुसार गंभीर विचार किया जाएगा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित विभागों के साथ अलग से बैठक कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

साथ ही उन्होंने फेडरेशन द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्वीमिंग और अन्य सुविधाओं को भी विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी वादा किया कि दो महीने तक फुटबॉल कोच का वेतन वे स्वयं वहन करेंगे। बैठक में एडीएम सिटी गंभीर सिंह, जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह समेत फेडरेशन के कई प्रतिनिधि जैसे मुकेश अग्रवाल, जोस लिओन, गौरव बंसल, संध्या त्यागी, सीएम वेद, अनुज, बीपी गुप्ता, एमके अग्रवाल, संतोष, एमएल वर्मा, तरुण, अतुल, ऋषि बंसल, अमरीश, योगेश, अनिल, पवन, सुभाष, डीके शर्मा, पुनीत और आरपी शर्मा भी उपस्थित रहे।