भारत को चीन और रूस से सतर्क भी किया
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जाते-जाते भी चीन को खरी-खोटी सुनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। ट्रंप सरकार ने भारत को चीन और रूस से अलर्ट रहने की सलाह भी दे डाली। विदाई समारोह में राष्ट्रपति ट्रंप ने कैपिटल हिल हिंसा की आलोचना की। बता दें कि जो बाइडन आज अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसके पहले डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने अपने विदाई समारोह में चीन को खूब सुनाई है। ट्रंप सरकार में विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भारत के लिए ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स याद है ? जायर बोल्सोनारो (ब्राज़ील के राष्ट्रपति) और नरेंद्र मोदी को शुक्रिया। बी और आई दोनों को पता है कि सी और आर उनके नागरिकों के लिए ख़तरा हैं। ब्रिक्स ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्ऱीका का संगठन है। माइक पॉम्पियो ने बी ब्राज़ील और आई इंडिया के लिए ये बातें कही हैं। उन्होंने सी (चीन) और आर (रूस) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश ब्राजील और भारत के लिए ख़तरा हैं। दरअसल पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत-चीन के बीच काफी समय से तनाव चल रहा है। उधर, रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव के बयान से दोनों देशों के संबंधों में तनाव को हवा मिली थी। रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लवरोव ने क्वैड गुट पर टिप्पणी कर भारत को चीन के खिलाफ पश्चिमी देशों की निरंतर, आक्रामक और छलपूर्ण नीति में एक मोहरा बताया था। क्वैड गुट में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया हैं। इस गुट को एशिया-पैसिफिक में चीन विरोधी गुट के तौर पर देखा जा रहा है। पॉम्पियो ने कहा है कि मेरा मानना है कि चीन का यह जनसंहार अब भी जारी है। चीन की सरकार सुनियोजित तरीके से वीगरों को बर्बाद कर रही है। पॉम्पियो का यह बयान चीन के उत्तरी-पश्चिमी शिंजियांग में वीगरों के खिलाफ चीन की कार्रवाई पर अब तक की सबसे कड़ी टिप्पणी है।
















