-वनस्पति वर्गीकरण और जैव विविधता में उत्कृष्ट योगदान के लिए 15 अक्टूबर को अमृतसर में विशेष समारोह आयोजित
उदय भूमि संवाददाता
अमृतसर। मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय को देशभर के वनस्पति वैज्ञानिकों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सरदार जसवंत सिंह राय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान 15 अक्टूबर को अमृतसर में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के चयन के पीछे उनके वनस्पति वर्गीकरण और जैव विविधता के क्षेत्र में किए गए शोध कार्य और अनुसंधान पत्रों की गुणवत्ता रही है।
समारोह गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के वनस्पति और पर्यावरण विज्ञान विभाग में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पाण्डेय उपस्थित विषय विशेषज्ञों और शोधविदों के समक्ष वनस्पति वर्गीकरण और जैव विविधता: प्राथमिकताओं का पुनर्निर्धारण आवश्यक विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। उनके इस व्याख्यान में वनस्पति विज्ञान और जैव विविधता के संरक्षण, संरक्षण नीतियों और नए अनुसंधान की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने अपने शैक्षणिक और अनुसंधान जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने पीएचडी की डिग्री लखनऊ के प्रतिष्ठित संस्थान से प्राप्त की और इसके बाद पोस्ट-डॉक्टरल शोध के लिए ओहियो राज्य विश्वविद्यालय, कोलंबस, अमेरिका में अध्ययन किया। उनके मार्गदर्शन में कई छात्रों ने डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और वनस्पति विज्ञान में महत्वपूर्ण शोध कार्य किए। डॉ. पाण्डेय ने राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्हें अनेक पुरस्कारों और पदों से सम्मानित किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं: भारतीय वनस्पति सोसायटी के प्रो. वाई.एस. मूर्ति पदक, प्रो. पंचानन माहेश्वरी पदक, और भारतीय एंजियोस्पर्म वर्गीकरण संघ के प्रो. वी.वी. शिवराजन पदक। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय वनस्पति सोसायटी के अध्यक्ष, पूर्वी हिमालयन स्पर्मेटोफाइट वर्गीकरण संघ के उपाध्यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ के पादप विज्ञान अनुभाग के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय एंजियोस्पर्म वर्गीकरण संघ के पूर्व अध्यक्ष के रूप में भी सेवा दी है।
डॉ. पाण्डेय ने पादप जगत में कई पुस्तकें भी लिखी हैं और अनगिनत शोध छात्रों का मार्गदर्शन किया है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य को दिशा मिली। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और डीन के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में वे मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय, भोपाल (मध्य प्रदेश) के संस्थापक उपकुलपति और वर्तमान प्रो-चांसलर हैं। इस पुरस्कार के माध्यम से उनके शोध और शिक्षण कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। सरदार जसवंत सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, जालंधर द्वारा प्रतिवर्ष यह पुरस्कार उन वनस्पति वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वनस्पति विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो। डॉ. पाण्डेय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उनके सभी छात्रों और सहकर्मियों के प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में वे वनस्पति विज्ञान और जैव विविधता के क्षेत्र में और अधिक शोध करेंगे और नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। डॉ. पाण्डेय का कहना है कि वनस्पति विज्ञान में अनुसंधान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यावहारिक पहलुओं का समाज और पर्यावरण पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों और शोधार्थियों से कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में सक्रिय योगदान देना चाहिए। उनके प्रयासों से न केवल विज्ञान के क्षेत्र में नई उपलब्धियां मिल रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

















