छतरपुर, नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित सेमिनार में मदर्स अगेंस्ट वेपिंग ने यह बताया कि उद्योग लगातार नए उपभोक्ताओं की तलाश में है। उदय भूमि की प्रबंध संपादक एवं मदर्स अगेंस्ट वेपिंग की सदस्य नीति तोमर ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वेपिंग को ग्लैमरस और ट्रेंडी दिखाकर युवाओं को आकर्षित किया जा रहा है। इन्फ्लुएंसर्स रील्स, रिव्यू और चुटकुलों के माध्यम से इसे हानिरहित और कूल प्रतीत कराते हैं। यह एक सोची-समझी रणनीति है जो कानून की पकड़ से बचने के लिए इनफ्लुएंसर मार्केटिंग और सरोगेट एडवर्टाइजिंग का सहारा लेती है। शिक्षा मंत्रालय ने मदर्स अगेंस्ट वेपिंग को तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों (टीओएफईआई) के दिशा-निर्देशों को मजबूत करने और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों के लिए संवेदीकरण कार्यशालाओं में योगदान देने के लिए आमंत्रित किया है।
उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। देशभर में किशोरों और युवाओं में ई-सिगरेट और वेपिंग के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की गई है। मदर्स अगेंस्ट वेपिंग नामक संगठन ने ‘अनमास्किंग द अपील – हाउ वेप्स एंड ई-सिगरेट्स कंटिन्यू टू बी प्रमोटेड अनएबेटेड इन इंडिया’ शीर्षक से रिपोर्ट जारी की, जिसमें यह खुलासा किया गया कि प्रतिबंध के बावजूद ये उत्पाद युवाओं तक पहुँच रहे हैं और उन्हें आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल प्रचार का दुरुपयोग किया जा रहा है। छतरपुर, नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित सेमिनार में मदर्स अगेंस्ट वेपिंग ने यह बताया कि उद्योग लगातार नए उपभोक्ताओं की तलाश में है, विशेषकर युवाओं को। रिपोर्ट में कहा गया कि ई-सिगरेट और वेपिंग डिवाइस को धूम्रपान से छुटकारा दिलाने वाला सुरक्षित विकल्प बताकर पेश किया जा रहा है, जबकि असल मकसद युवाओं को आजीवन लत की ओर धकेलना है। वेप्स में निकोटीन के अलावा ड्रग्स जैसे हानिकारक तत्व भी हो सकते हैं, जो किशोरों और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
उदय भूमि की प्रबंध संपादक एवं मदर्स अगेंस्ट वेपिंग की सदस्य नीति तोमर ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वेपिंग को ग्लैमरस और ट्रेंडी दिखाकर युवाओं को आकर्षित किया जा रहा है। इन्फ्लुएंसर्स रील्स, रिव्यू और चुटकुलों के माध्यम से इसे हानिरहित और कूल प्रतीत कराते हैं। यह एक सोची-समझी रणनीति है जो कानून की पकड़ से बचने के लिए इनफ्लुएंसर मार्केटिंग और सरोगेट एडवर्टाइजिंग का सहारा लेती है। शिक्षा मंत्रालय ने मदर्स अगेंस्ट वेपिंग को तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थानों (टीओएफईआई) के दिशा-निर्देशों को मजबूत करने और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों के लिए संवेदीकरण कार्यशालाओं में योगदान देने के लिए आमंत्रित किया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और उन्हें नशे से दूर रखना है।
रिपोर्ट में यह भी उजागर किया गया कि देश में डिजिटल और अनौपचारिक बाजार इन प्रतिबंधों की अनदेखी कर तेजी से बढ़ रहे हैं। वैश्विक वेपिंग ब्रांड भारत में डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर युवाओं को निशाना बना रहे हैं। नीति तोमर ने कहा, युवा अक्सर इसे स्टाइल स्टेटमेंट समझकर अपनाते हैं, जबकि यह स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि युवाओं को जागरूक करने के लिए डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया जाए। माता-पिता, शिक्षक और समुदाय को सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि किशोरों और युवाओं को इस लत से बचाया जा सके। नीति तोमर ने कहा कि प्रतिबंध और कानून के अनुपालन के साथ-साथ जागरूकता ही इस समस्या का समाधान है। मदर्स अगेंस्ट वेपिंग की यह रिपोर्ट एक गंभीर चेतावनी है कि यदि समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा पीढ़ी को न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा बल्कि समाज पर भी दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नीति तोमर ने कहा, यह केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक परिवार, स्कूल और समाज को सक्रिय होकर इस चुनौती का सामना करना होगा।

















