पर्यावरण संरक्षण और हिण्डन नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है: रविन्द्र कुमार मॉंदड़

-जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक, पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण में सख्त निर्देश
-हिण्डन नदी की सफाई, अवैध कब्जों की मुक्ति और वृक्षारोपण की प्रभावी तैयारी के लिए सभी विभागों को दी समयबद्ध कार्यवाही की हिदायत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में सोमवार को महात्मा गांधी सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग सहित संबंधित समितियों के नामित एवं पदेन सदस्यों ने सहभागिता की। जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी विभागों को निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा अब तक वृक्षारोपण स्थलों का सत्यापन नहीं कराया गया है, वे शीघ्र सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण करें। इसके साथ ही आगामी मानसून सत्र 2026-27 में प्रस्तावित वृक्षारोपण की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी वृक्षारोपण किया जा सके।

जिला गंगा समिति की बैठक में हिण्डन नदी के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने पर्यावरण विभाग, गाजियाबाद को निर्देशित किया कि हिण्डन नदी में मिलने वाले सभी स्रोतों की मैपिंग कर साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में दूषित जल को नदी में गिरने से रोका जाना सुनिश्चित किया जाए। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हिण्डन नदी में गिरने वाले सभी नालों की नियमित एवं समयबद्ध सफाई कराई जाए, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही डूब क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर मौजूद अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र कब्जा मुक्त कराने के निर्देश भी दिए गए। जिला पर्यावरण समिति के एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के पर्यावरणीय मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया।

पर्यावरण विभाग को निर्देश दिए गए कि डस्ट कंट्रोल एप पर अधिक से अधिक निर्माण परियोजनाओं का पंजीकरण कराया जाए तथा मानकों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए। समीर एप के संदर्भ में उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शीघ्र अपने नोडल अधिकारी नामित करें और प्रत्येक स्थिति में अगले एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए, जिसमें फोटोग्राफ और जीपीएस रीडिंग अनिवार्य रूप से शामिल हों, ताकि कार्यों की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, नदी स्वच्छता और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना होगा।